'पहले से मजबूत स्थिति में हैं महिला कलाकार'

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अर्पणा कौर देश की जानीमानी समकालीन चित्रकार हैं और भारतीय समकालीन कला में अपना ख़ास स्थान रखती हैं.

उनका जन्म वर्ष 1954 में दिल्ली में हुआ था. उनकी माँ अजीत कौर पंजाबी साहित्य की प्रसिद्ध लेखिका हैं.

उन्हें बचपन से ही खुले विचारों वाला माहौल मिला, साथ ही संगीत, नृत्य, साहित्य और चित्रकारी का प्रशिक्षण भी.

लेकिन अर्पणा ने चित्रकारी का रास्ता चुना. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से साहित्य में स्नातकोत्तर किया और पेंटिंग प्रदर्शनियों में भाग लेना शुरू कर दिया था.

वर्ष 1984 के दंगों ने उनपर गहरा असर डाला, जिसे उन्होंने चित्रों की सिरीज़ 'वर्ल्ड गोज़ ऑन' में उतारा.

इसी तरह वृंदावन की विधवाओं के हालात पर उन्होंने 'विडोज़ ऑफ़ वृंदावन' सिरीज़ पेंट की.

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Image caption उनका कहना है कि चित्रों में रंगों का अपना गुण है, रंग विषय को दर्शाने में मदद करता है. वो अक्सर सतह पर गहरा रंग लगाना पसंद करती हैं जिससे चित्र उभर कर आए.
Image caption जहां कई कलाकार तेल रंग से ऐक्रेलिक रंगों की ओर कूच कर गए क्योंकि उसे बरतना ज्यादा आसान और सहज है, वहीं अर्पणा कौर आज भी तेल रंग में ही चित्र बनाना पसंद करती हैं.
Image caption अर्पणा अब तक कई एकल व समूह प्रदर्शनियों में देश-विदेश में भाग ले चुकी हैं. साथ ही उनके चित्र मॉडर्न आर्ट म्यूजियम (दिल्ली), विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम (लंदन), सिंगापुर, ब्रैडफोर्ड, हिरोशिमा सहित कई देशों के संग्रहालय के निजी कलेक्शन का हिस्सा हैं.
Image caption अर्पणा ने नारी को केंद्र में रखकर कई कलाकृतियां बनाई हैं, जिनमें वृंदावन की विधवाओं से लेकर सोहनी-महिवाल व नौकरानी, निर्भया कांड आदि संवेदनशील विषयों को उन्होंने चित्रित किया है.
Image caption उनके चित्रों में गुरु नानक, कबीर, बुद्ध की उपस्थिति देखी जा सकती है. अर्पणा कहती हैं कि जीवन के अनुभवों, सपनों, प्रेरणा, दुःख, आध्यात्म और घटनाओं को कैनवास पर उतारना ही कला है.
Image caption अपने चित्रों में कैंची का इस्तेमाल अर्पणा वर्ष 1988 से कर रही हैं. जब उन्होंने 'समय' सिरीज़ बनाना शुरू की तो प्रतीक के तौर पर कैंची का इस्तेमाल किया. आगे चलकर उनके दोस्त उन्हें मजाक में कैंची ही बुलाने लगे.
Image caption अर्पणा कहती हैं कि भारतीय समकालीन कला में महिला कलाकारों की स्थिति पहले से मजबूत हुई है और वे बेहतर काम कर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं.
Image caption अर्पणा की किताब 'अर्पणा कौर-एब्सट्रैक्ट फिगरेशन' में उनके अब तक के चित्रों व साक्षात्कारों का संकलन है. 'अर्पणा कौर गैलरी' के नाम से उनकी कला वीथिका भी है.
Image caption नौ वर्ष की आयु में उन्होंने तेल रंग में 'मदर एंड डॉटर ' चित्र बनाया जो अमृता शेरगिल की कलाकृति से प्रभावित था. ऑल इंडिया फाइन आर्ट सोसाइटी अवार्ड, छठवें भारत त्रिनाल में स्वर्ण पदक आदि से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है.

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