पीएम जानते हैं कब, क्या बोलना है: रघुबर दास

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बिहार में तीसरे चरण का मतदान भारतीय जनता पार्टी और उसके गठबंधन के लिए कितना अहम है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने प्रचार में पूरे संसाधन झोंक रखे हैं.

तीसरे चरण में 50 सीटों के लिए मतदान 28 अक्तूबर को होना है.

प्रदेश के शीर्ष नेताओं के अलावा पिछले दिनों झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भी बिहार में 40 से ज़्यादा रैलियाँ की हैं.

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में रघुबर दास ने दावा किया कि एनडीए की सरकार बननी तय है और महागठबंधन नकारात्मक प्रचार कर रहा है.

रघुबर दास ने कहा, "भाजपा के साथ-साथ देश के लिए भी ये चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. बिहार का अतीत काफ़ी गौरवशाली है. लेकिन लोगों का एक आकलन ये भी है कि बिहार में जाति-पाति काफ़ी होती है. लोकतंत्र पर जाति-पाति हावी रहती है. देश-विदेश की नजरें बिहार चुनाव पर इसलिए भी लगी हैं यहाँ जाति-पाति जीतती है या विकास."

उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि बिहार के लोग जाति-पाति, क्षेत्रवाद और सांप्रदायिकता से ऊपर उठकर बिहार के हित में मतदान करेंगे क्योंकि 2014 के चुनाव में एक ग़रीब को देश का प्रधानमंत्री बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका थी.

प्रचार के नकारात्म तरीक़े और विकास जैसे मुद्दों के पीछे छूटने पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने आरोप लगाया कि लोगों को भटकाने का काम महागठबंधन ने किया है.

उन्होंने कहा कि विकास के लिए स्थिर सरकार ज़रूरी है और महागठबंधन की सरकार चलने वाली नहीं है, ये बात बिहार की जनता जानती है.

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रघुबर दास ने आरोप लगाते हुए कहा, "बिहार में लालू यादव का 15 साल का शासन आतंक का शासन था. वो सामाजिक संघर्ष को देने वाला शासन था. लालू जी का शासन बेलगाम भ्रष्टाचार और अपराधीकरण का शासन था जिससे जनता भयभीत है."

उन्होंने नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा, "10 महीने के कार्यकाल की ही तुलना हो जाए- 10 महीने में बिहार और 10 महीने में झारखंड. महागठबंधन के पास कहने को कुछ नहीं है, इसलिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है. नीतीश कुमार और लालू प्रसाद जाति-पाति के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं.

दादरी कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी चुप्पी पर उन्होंने कहा, "कब किस परिस्थिति में क्या बोलना चाहिए ये हमारे प्रधानमंत्री को अच्छी तरह पता है. भाजपा सर्वधर्म सदभाव में विश्वास करती है. कोई भी घटना दुखद होती है, लेकिन जिस तरह उसका राजनीतिकरण किया जाता है, वो और भी दुखद है."

रघुबर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष ने विवादित बयानों का नोटिस लिया और संबंधित लोगों को हिदायत भी दी.

उन्होंने माना कि इस तरह की बयानबाज़ी नहीं होनी चाहिए, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि बिहार चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

बिहार में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में रघुबर दास ने कहा कि मुद्दा ये नहीं है कौन मुख्यमंत्री बनेगा, बल्कि मुद्दा ये है कि बिहार को बचाना है, बिहार जंगल राज से मंगल राज में आए, ये मुद्दा है.

उन्होंने कहा कि बिहार में पार्टी नेताओं की कमी नहीं है, विपक्ष झारखंड में भी ऐसे मुद्दे उठा रहा था. लेकिन वहाँ के लोग स्थिर सरकार चाह रहे थे.

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