आरके सिंह के आरा में असमंजस में बीजेपी

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बिहार में मतदान शुरू होने से पहले ही आरा सुर्ख़ियों में आ गया था. यहाँ भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने अपनी पार्टी के विरोध में स्वर बुलंद कर दिए थे.

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने टिकट बँटवारे को लेकर असंतोष जताया था और बयान दे दिया था कि पार्टी अपराधियों और बाहर से आए लोगों को टिकट देती है.

पार्टी से नाराज़ चल रहे सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी आरके सिंह के सुर में सुर मिलाया था.

लेकिन आरके सिंह हों या शत्रुघ्न सिन्हा, दोनों चुनाव प्रचार से दूर हैं. भोजपुर ज़िले में सात विधानसभा सीटे हैं और इन सभी सात सीटों पर भाजपा और सहयोगी दलों को कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है.

Image caption विशेश्वर सिंह बीजेपी के उम्मीदवार हैं लेकिन उनकी छवि को लेकर कई सवाल हैं.

ऐेसे में पार्टी की अंदरुनी कलह पार्टी के प्रदर्शन पर काफ़ी असर डाल सकती है. आरोप है कि पार्टी ने शाहपुर से उन विशेश्वर ओझा को टिकट दिया है, जो आपराधिक छवि के हैं और उन पर कई मुक़दमे चल रहे हैं.

मैंने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विशेश्वर ओझा से मुलाक़ात की, लेकिन उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया.

विशेश्वर ओझा ने कहा, "मुक़दमा 15 सालों के लालू राज का नतीजा है. उस समय कोई क़ानून व्यवस्था नहीं थी. हमारी ज़मीन की लड़ाई थी. भू-माफ़िया का ज़मीन पर क़ब्ज़ा था. प्रशासन ने कोई मदद नहीं की. हाई कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी कोई मदद नहीं की, इसके बाद यहाँ के लोगों ने संघर्ष किया. उस संघर्ष के दौरान कई तरह के मुक़दमे हुए. ग़लत मुक़दमों में फँसाया गया."

टिकट बँटवारे पर आरके सिंह के आरोपों को लेकर विशेश्वर ओझा का कहना है कि उनका आरके सिंह से कोई मतभेद नहीं बल्कि आरके सिंह की सिफारिश पर ही उन्हें टिकट मिला है.

उन्होंने बताया कि किसी भी बाहुबली को जनता प्यार नहीं देती.

वे कहते हैं, "सब कोई जान रहा है कि मुझे ग़लत ढंग से फँसाया गया है. अपराधी और बाहुबली को शाहपुर की जनता कभी स्वीकार नहीं करती."

Image caption आरजेडी के उम्मीदवार मंटू तिवारी.

अगर आरा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता की बात करें, तो एक ओर जहाँ विशेश्वर ओझा के समर्थक जी-जान से प्रचार में लगे हैं, वहीं कई लोगों को लगता है कि विशेश्वर ओझा नहीं जीत पाएँगे और बदलाव ज़रूरी है.

कुछ लोगों का कहना है कि इलाक़े में कोई काम नहीं हुआ है और बदलाव ज़रूरी है, जबकि विशेश्वर ओझा के समर्थकों का कहना है कि सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करना अपराध नहीं है.

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने शिवानंद तिवारी के बेटे मंटू तिवारी को मैदान में उतारा है.

मंटू तिवारी का दावा है कि जनता उनके व्यवहार से प्रभावित है और भाजपा सांसद आरके सिंह ने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है.

मंटू तिवारी करते हैं, "आरके सिंह ने सही बात कही है. बीजेपी का अपराध मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनाने का दावा ढकोसला है. उसके अनुरुप उन्होंने उम्मीदवारों को नहीं चुना है. बीजेपी उम्मीदवार पर केस भी दर्ज हैं."

दरअसल आरा ज़िले में भाजपा के अलावा भी कई पार्टियों पर आपराधिक छवि वाले नेताओं को टिकट देने का आरोप लगा है.

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