'पाकिस्तान का क्लोन बनने से हम कितनी दूर?'

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दिल्ली के केरल हाउस की कैंटीन में बीफ़ परोसे जाने के संदेह में दिल्ली पुलिस के छापे की सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है.

हालांकि केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि वो पूरा ब्यौरा लेने के बाद ही इस मामले में कुछ कहेंगे.

उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि इस मामले में पुलिस को थोड़ा संयम बरतना चाहिए था.

रिपोर्टों के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने ये कार्रवाई हिंदू सेना नाम के एक संगठन की शिकायत पर की.

लेकिन कांग्रेस नेता टॉम वडक्कन ने कहा है, "मैंने केरल भवन में खाना खाया है. दिल्ली पुलिस हिंदू सेना के आदेश पर मोरल पुलिसिंग कर रही है."

जासूस कुट्टी नाम के एक यूज़र ने ट्विटर हैंडल ‏@JasoosKutty से लिखा, "केरल हाउस की कैंटीन को भैंस का मीट बेचने पर निशाना बनाया गया. हम पाकिस्तान का क्लोन बनने से कितनी दूर हैं?"

वहीं एनएस माधवन ने ‏@NSMlive से सवाल किया कि पता नहीं क्यों केरल हाउस के मैन्यू से भैंस के मांस से बने व्यंजन हटा लिए गए हैं.

हालांकि कई लोग दिल्ली पुलिस के क़दम को सही भी बता रहे हैं.

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अनिल कोहली ‏@anilkohli से ट्वीट करते हैं, "केरल हाउस किसी की निजी संपत्ति नहीं है जो भारत के क़ानून से ऊपर हो. ये करदाताओं के पैसे से बना है."

सुशील कुमार वेलाथ ने ‏@VK_Shashikumar हैंडल से लिखा, "दिल्ली में केरल हाउस की घटना के बाद अब मामला हिंदू बनाम हिंदू हो गया है- हिंदुओं के बीच सांस्कृतिक लड़ाई."

सुरेंद्र बाबू नाम के एक यूज़र ने @surendra_babu से लिखा, "केरल हाउस का गोमांस विवाद: मेरा मानना है कि ये विवाद (केरल में) अगले हफ़्ते होने वाले पंचायत चुनावों को देखते हुए जानबूझ कर खड़ा किया गया है."

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