जमात-उद-दावा परोपकारी संस्था: पाक उच्चायुक्त

अब्दुल बासित

भारत में पाकिस्तान के उच्च आयुक्त अब्दुल बासित ने जमात-उद-दावा को परोपकारी संस्था बताया है.

अब्दुल बासित ने बैंगलोर में कहा, “जमात-उद-दावा एक दानकर्ता संगठन है. हम उसपर नज़र रखे हुए हैं.”

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने ये बयान हाफ़िज़ सईद की संस्था जमात-उद-दावा पर किए गए एक सवाल के जवाब में दिया.

जमात-उद-दावा अमरीका के ज़रिये जारी प्रतिबंधित संगठनों में से एक है.

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इस लश्करे तैयबा का सहयोगी बताया जाता है.

भारत हाफ़िज़ सईद को मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड मानता है.

बासित ने कहा, “भारत के डोजीयर पर बात नहीं कर सकता हूं जो मुंबई की घटना के बाद भारत ने भेजे हैं. हम पूरी तरह से इसे लेकर प्रतिबद्ध हैं. हमने छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.”

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उच्चायुक्त का बयान एक ऐसे वक़्त आया है जब पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने ये बयान दिया है कि लश्करे तैबा जैसे संगठन को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई ताकि वो कश्मीर में हमले कर सके.

मुशर्रफ़ ने ओसामा बिन लादेन को हीरो बताया था.

बासित ने ये भी कहा कि पाकिस्तान कभी भी दक्षिण एशिया को एक परमाणु संपन्न क्षेत्र नहीं बनाना चाहता था.

लेकिन इसकी शुरुआत भारत ने की है. पाकिस्तान ने सिर्फ उसका अनुसरण किया है.

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