बिहार: चौथे चरण में लगभग 58 प्रतिशत मतदान

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बिहार विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में रविवार को सात ज़िलों की 55 सीटों के लिए मतदान ख़त्म हो गया.

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार पांच बजे तक 57.59 फ़ीसदी वोटिंग हुई.

सबसे ज़्यादा मतदान पूर्वी चंपारण ज़िले में हुआ. वहां 59.96 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाला जबकि सबसे कम सिवान में 54.31 फ़ीसदी वोटिंग हुई.

इस दौर के चुनाव में वरिष्ठ मंत्री रमई राम, रंजू गीता और मनोज कुशवाहा की क़िस्मत का फ़ैसला होगा.

पूर्वी चंपारण में मौजूद बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी ने बताया कि वहां महिलाओं में मतदान को लेकर ख़ासा उत्साह दिखा और मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी क़तारें लगी थीं.

उन्होंने कहा कि वहां भारत-नेपाल रिश्ते एक अहम मुद्दा है क्योंकि मधेसी आंदोलन के कारण नेपाल के लिए आवाजाही बंद है. साथ ही मतदाता बेरोज़गारी और महंगाई से भी चिंतित हैं.

उधर मुज़फ़्फ़रपुर से स्थानीय पत्रकार मनीष शांडिल्य का कहना है कि पहले तीन चरणों की तरह इस बार भी मतदान केंद्रों पर महिलाओं की संख्या अधिक दिखी.

पिछले विधानसभा चुनाव में जेडी-यू के साथ लड़ते हुए बीजेपी ने मुज़फ़्फ़रपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज और सीवान की 55 सीटों में से 26 सीटें जीती थीं.

जेडीयू तब 24 सीटों पर विजयी रहा थी. आरजेडी को दो और तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई थीं.

इस बार परिदृश्य बदला हुआ है और पिछली बार के सहयोगी प्रतिद्वंद्वी और प्रतिद्वंद्वी सहयोगी बने हुए हैं.

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इन 55 सीटों पर महागठबंधन की ओर से आरजेडी 26, जेडीयू 21 और कांग्रेस 8 मैदान में हैं.

एनडीए की ओर से बीजेपी 42, एलजेपी 5, हिंदुस्तान अवामी मोर्चा और लोक समता पार्टी ने 4-4 सीटों पर चुनाव लड़ा.

अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी आर लक्ष्मणन ने कहा है कि सुरक्षा के लिहाज़ से 43 सीटों पर भारतीय समयानुसार सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान हुआ.

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आठ सीटों पर मतदान एक घंटा पहले ही चार बजे ख़त्म हो गया जबकि चार सीटों पर ये दोपहर तीन बजे ख़त्म हो गया.

चौथे दौर के चुनाव के बाद कुल 186 सीटों पर मत पड़ चुके होंगे और बाक़ी बची 57 सीटों पर पांच नवंबर को मतदान होगा. मतगणना आठ नवंबर को होगी.

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