तेल के बदले भारत क्या दे रहा है अफ्रीका को?

हाल ही में भारत में संपन्न हुआ अफ्रीकी देशों का सम्मेलन अब तक भारत द्वारा आयोजित किया गया सबसे बड़ा कूटनीतिक प्रयास था.

इसकी कई वजहें है. पहला तो ये कि भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार साल 2000 में रहे तीन अरब डॉलर से बढ़कर अब 70 अरब डॉलर का हो गया है.

लेकिन अफ्रीका के साथ व्यापार में भारत अब भी चीन से काफी पीछे है. पिछले कुछ सालों में जरूर चीन की आर्थिक रफ्तार अफ्रीका के अंदर थोड़ी धीमी हुई है.

इसलिए भारत इस तरह के सम्मेलन को लेकर उत्साहित है ताकि अफ्रीका के साथ ज्यादा से ज्यादा व्यापारिक संबंध कायम हो पाए.

भारत पहले से ही नाइजीरिया, अल्जीरिया, मोज़म्बिक और अंगोला से तेल खरीद रहा है.

अब भारत तंजानिया, सूडान, केन्या और युगांडा जैसे अफ्रीकी देशों की तरफ भी तेल और गैस के भंडार के लिए देख रहा है ताकि भविष्य में वो ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा कर सके.

केपीएमजी के पार्टनर नवीन अग्रवाल का कहना है, "भारत अफ्रीकी देशों के तेल भंडार पर बहुत ध्यान दे रहा है. पिछले एक साल में नाइजीरिया भारत के साथ तेल निर्यात में नंबर एक रहा है और अंगोला जिसके बारे में बहुत कम सुनने को मिलता है, दूसरे स्थान पर रहा है."

वो आगे कहते हैं, "भारत इन देशों की ओर ऊर्जा संबंधी अपनी ज़रूरतों के लिए देख रहा है. दुनिया के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए इस तरह के सम्मेलन भारत को ऊर्जा संबंधी जरुरतों को पूरा करने में काफी मददगार होंगे."

इसके बदले में अफ्रीका के देशों के लिए भारत में उन्नत मेडिकल सुविधा मुहैया कराने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं जो कि अफ्रीका में उपलब्ध नहीं हैं.

अफ्रीकी देशों से हज़ारों मरीज हर साल भारत का रूख़ करते हैं.

भारत के निजी अस्पताल इस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए तैयार हैं. वो अफ्रीकी देशों से आने वाले मरीजों को अनुवादक और आसान सेवाएं मुहैया करा रहे हैं.

इस मामले में वो चीन की तुलना में बेहतर सुविधा दे रहे हैं.

फोर्टिस हॉस्पिटल के ज़ोनल डायरेक्टर जसदीप सिंह का कहना है, "चीन की तुलना में भारत के पास इस क्षेत्र में कई मामलों में बढ़त हासिल है. भारत के डॉक्टर दुनिया के बेहतरीन डॉक्टरों में से एक हैं. अंग्रेजी में अच्छे होने का फायदा भी भारतीय डॉक्टरों को मिलता है. "

वो आगे कहते हैं, "इसके अलावा कई चीजों पर भारत में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं. इसलिए दूसरे देशों में जाकर प्रभाव जमाना हमारे लिए आसान है."

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