'1984 के बाद कांग्रेस सहिष्णुता पर न बोले'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली और देश के अन्य शहरों में हुए सिखों के कत्लेआम के बाद कांग्रेस को सहिष्णुता की बात करने का अधिकार नहीं है और पार्टी ड्रामेबाज़ी कर रही है.

उन्होंने पूर्णिया में जनसभा को संबोधित करते हुए यहा तक कह दिया- ''दो नवंबर 1984 और उसके दूसरे दिन, तीसरे दिन, सिखों का कत्ल हो रहा था, उसी दो नवंबर को कांग्रेस सहिष्णुता की बात कर रही है...आप ड्रामेबाज़ी कर रहे हो."

मोदी के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता पीसी चाको ने मीडिया से कहा कि गोधरा (गुजरात दंगों) के लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि नवंबर 1984 में जो भी हुआ वह किसी के नियंत्रण में नहीं था.

कांग्रेस नेता चाको का कहना था कि प्रधानमंत्री को इस स्तर की बयानबाज़ी से संवाद का स्तर गिराना नहीं चाहिए.

प्रधानमंत्री सोमवार को पूर्णिया में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे. इस इलाक़े में विधानसभा चुनाव के पांचवे और अंतिम चरण में पांच नवंबर को मतदान होगा.

मोदी ने वहाँ कहा, "नीतीश कुमार अटल बिहारी वाजपेयी के आशीर्वाद से ही बिहार का चुनाव जीते थे. लेकिन अब उन्हें अटल का अशीर्वाद नहीं है, इसलिए इस बार उन्हें जीत नसीब नहीं होगी."

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उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश ने 2010 में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, जिसे वो भूल गए हैं. उन्होंने आगे दावा किया कि यदि बिहार में भाजपा की सरकार बनी तो लोगों को 24 घंटे बिजली मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वो विकास के नाम पर जनता से वोट मांग रहे हैं. इस संदर्भ में उन्होंने 1.65 लाख करोड़ के बिहार पैकेज का ज़िक्र किया और दावा किया कि उससे बिहार का भाग्य बदल जाएगा.

उन्होंने कहा कि बिहार में बनने वाली भाजपा की सरकार पढ़ाई, कमाई और दवाई के तीन सूत्रीय फ़ार्मूले पर काम करेगी.

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