'फूलों की बुकिंग में 80 फ़ीसदी महागठबंधन के '

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बिहार चुनाव को लेकर विश्लेषक भले ही क़यासों के भंवर में ग़ोते खा रहे हों लेकिन हर पार्टी जीत के दावों की बौछार कर रही है और पार्टी कार्यकर्ता आत्मविश्वास से भरे दिख रहे हैं.

शायद यही वजह है कि चुनाव नतीजे आने से पहले ही पटना की फूल मंडी में मालाओँ की बुकिंग शुरू हो गई है.

पिछले 23 साल से फूलों का करोबार कर रहे विनोद मालाकार बताते हैं, “हमारे यहां 50 नेता संपर्क कर चुके हैं. वह आते हैं और कहते हैं कि हम राजद, बीजेपी या जेडीयू से आए हैं और सभी तरह की मालाओं के दाम पूछते हैं. कुछ ने तो पहले से बुकिंग करा ली है क्योंकि चुनाव वाले दिन फूलमाला के दाम बढ़ने वाले हैं.”

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विनोद बताते हैं कि उनके पास आने वाले नेताओं में 80 फ़ीसदी महागठबंधन के हैं.

इस बाज़ार में एक क्विंटल की फूलों की माला के दाम फ़िलहाल 5 हज़ार रूपए हैं. गुलाब की माला 21 हज़ार में मिल रही हैं. नतीजों के दिन ये दाम बढ़ने की पूरी संभावना है.

न्यू चंदन फूल भंडार चला रहे गोपाल भगत कहते हैं, “जो लड़ी अभी 10 रुपये की मिल रही है वह उस दिन 20 रुपये की होनी तय है.” एक लड़ी में 30 से 35 फूल तक होते हैं.

2010 के चुनाव जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के जीत दर्ज करने पर, इसी दुकान से 25 हज़ार रुपये की 4 क्विंटल की मोटी माला नई सरकार के स्वागत के लिए गई थी.

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अभी इस फूल बाज़ार में कलकत्ता से सात से आठ हज़ार फूलों की लड़ियां रोज़ाना आते हैं लेकिन 7 से 11 नवंबर के बीच कारोबारियों ने 20 हज़ार फूलों की लड़ियों का ऑर्डर दिया है.

फूल की दुकान सजाए 28 साल के राकेश कहते हैं, “अभी फ़ोन पर इंक्वायरी हो रही है. लेकिन हम लोग अपनी पूरी तैयारी किए हैं क्योंकि चुनाव के नतीजे और दीपावली आस-पास ही पड़ रहे हैं.”

पटना स्टेशन से लगी इस मंडी से कुछ ही दूर स्थित स्थानीय फूल मंडी के दुकानदार पिंटू कहते हैं, “हमारे यहां इलेक्शन वाले दिन ही फूल माला बिकेगी. मान लीजिए कोई बुकिंग करा ले और पार्टी हार जाए तो हमारा तो फूल बर्बाद हो जाएगा.”

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जहां मंडियों में हलचल है वहीं पटना शहर के फ्लोरिस्ट भी चुनाव नतीजों के दिन की तैयारी कर रहे हैं.

पटना के डाकबंगला रोड पर स्थित पुष्पायन की मालिक शीला पोद्दार बताती हैं, “नतीजों के दिन अतिरिक्त फूल को मंगाए गए हैं लेकिन उनको ख़ास उम्मीद शपथ ग्रहण के दिन है क्योंकि उस दिन बुके की सबसे ज़्यादा मांग होती है.”

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