टीपू जयंती का विरोध, एक की मौत

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कर्नाटक के कोडागु ज़िले में मंगलवार को टीपू सुल्तान की जयंती के विरोध में एक प्रदर्शन के दौरान विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए.

कर्नाटक सरकार मंगलवार को 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है, लेकिन कई संगठन इसका विरोध कर रहे हैं.

कोडागु की एसपी वर्तिका कटियार ने बीबीसी हिंदी को बताया कि वीएचपी के कोडागु इकाई के महासचिव डीएस कुटप्पा कथित तौर पर माडिकरी अस्पताल के परिसर में भागने लगे और क़रीब 15 फुट की ऊंचाई से एक गड्ढे कूद गए.

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कटियार ने कहा, "वह पुलिस के लाठीचार्ज या आंसू गैस के गोले से नहीं मरे और न ही उन्हें मारा गया. वह अस्पताल के परिसर में दौड़ने लगे और क़रीब 15 फुट की ऊंचाई से एक गड्ढे में गिर गए."

आईजीपी रेंज बीके सिंह ने कहा, "तनाव तब शुरू हुआ जब लगभग तीन हजार प्रदर्शनकारी जुलूस निकालना चाहते थे, जबकि पुलिस से उन्होंने इसकी अनुमति नहीं ली थी. जब हमने उनका जुलूस रोका, तो उन्होंने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए."

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उन्होंने कहा, "हमने कुछ आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज का आदेश भी दिया."

टीपू सुल्तान की जयंती मनाने के कांग्रेस सरकार के फ़ैसले का विरोध वीएचपी, बजरंग दल, हिंदू जागरण वेदिक और भाजपा से संबद्ध अन्य संगठन बड़े आक्रामक तरीके से कर रहे थे.

टीपू सुल्तान उन चंद शासकों में शुमार हैं जो ब्रितानी हुकूमत के ख़िलाफ़ लड़े थे.

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब भीड़ ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दी.

इसके बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले के छोड़ने पड़े.

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