'सरकार का एक ही धर्म है इंडिया फर्स्ट'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि बहुमत की सत्ता से ज़्यादा अहम है सर्वसम्मति. उन्होंने कहा कि सरकार का एक ही धर्म है और वो है इंडिया फर्स्ट.

दो दिन चली इस चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ये बातें कही. लगभग एक घंटे तक चले उनके भाषण की 10 खास बातें.

1. 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर भारतीय संविधान के विषय में ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन करवाना चाहिए ताकि इस पर लगातार चर्चा चलती रहे.

2. 26 जनवरी की ताकत 26 नवंबर में निहित है.

3. संविधान की रचना में बाबा साहब आंबेडकर की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. भारत जैसे विविधताओं से भरे देश का संविधान बनाना बहुत बड़ा काम है.

4. बाबासाहेब विरोध करने, शासन चलाने और तटस्थ रहने वाले के लिए भी मार्गदर्शक रहे हैं. वे महान दीर्घदृष्टा थे. तभी वो संविधान को एक विधायी दस्तावेज़ ही नहीं बल्कि एक सामाजिक दस्तावेज़ की शक्ल दे सके.

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5. दलित होते हुए आंबेडकर ने जीवनभर अपमान झेला लेकिन संविधान के किसी भी शब्द से कड़वाहट या बदले की भावना नहीं झलकती.

6. संविधान की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है.

7. कभी-कभी समाज में बुराइयां आ जाती हैं. लेकिन उसी समाज से ऐसे लोग भी उभरते हैं जो उन बुराइयों के खिलाफ, समाज के विरोध के बावजूद लड़ते हैं और समाज को उनसे बाहर निकाल लाते हैं.

8. ज़्यादातर संविधान का एक ही पक्ष सामने लाया जाता है-हमारे अधिकारों का. लेकिन हम जितनी अहमियत अधिकारों को देते हैं उतनी ही अपने कर्तव्यों को भी देनी चाहिए.

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9. सरकार का एक ही धर्म है-इंडिया फर्स्ट. और सरकार का एक ही धर्मग्रंथ है-संविधान. देश केवल संविधान के अनुसार ही चलेगा.

10. अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने ग्रैनविल ऑस्टिन से लेकर राधाकृष्णन, बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और संस्कृत के श्लोकों को उद्धृत किया.

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