चेन्नई: 'आधा लीटर दूध 50 रुपए में'

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चेन्नई के सीआईटी नगर के तीसरे मेन रोड पर नज़ारा कुछ अलग ही है.

इस सड़क पर आते ही, कॉलोनी में घुसते ही आपको ये नज़र आएगा कि लोगों ने अपनी वॉशिंग मशीन, ड्रेसिंग टेबल, कंप्यूटर, फ्रिज सब सड़कों पर निकाल कर रख दिया है धूप में सूखने के लिए.

शुक्रवार को सूरज निकलते ही यहां लोगों ने अपनी ज़िंदगी को समेटना शुरू कर दिया है.

कॉलोनी में रहने वाले श्रीधर के घर में सफाई अभियान चल रहा है. घर में क्या-क्या नुक़सान हुआ है, पूछने पर वो बताते हैं, ''मेरे घर में वॉशिंग मशीन, फ्रिज का सत्यानाश हो गया है. वो तो फेंकना ही पड़ेगा. सोफा सेट पूरा, उसके साथ कुर्सी- सब फेंकना पड़ेगा. कुछ फ़ायदा नहीं है. सारा डैमेज हो गया."

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सीआईटी नगर के हर घर में यही हाल दिखा. लोग अपने-अपने घरों की सफ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं.

धूप निकलते ही और बरसात के थमते ही यहां ज़िंदगी समेटने का काम शुरू हो गया.

चेन्नई की सड़कों पर ट्रैफिक ज़्यादा है. पेट्रोल पंप पर भी ज़्यादा भीड़ है और ज़रूरी सामग्री जुटाने की कोशिश हो रही है.

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सामान ख़रीदने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया, ''दूध और उसके अलावा भी सारी चीज़ें बहुत महंगी हो गई हैं. आधा लीटर दूध 50 से 70 रुपए तक में मिल रहा है.''

एक अन्य व्यक्ति ने बताया, ''हर तरफ़ खाने पीने से सामान की बेहद कमी हो गई है. बारिश की वजह से गोदामों में भी पानी भर गया है जिससे सामान बर्बाद हुआ है.''

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उफनते पानी के साथ अडियार नदी तेज़ गति से बह रही है. नदी के किनारे खड़े होने पर ही पता चलता है कि बाढ़ के पानी का बहाव कितना तेज़ है और कितनी ज़ोर की यहां बारिश हुई होगी.

इस नदी में बह रहे कई तरह के सामान नज़र आ रहे हैं. कुर्सी, चप्पल, पेड़ों की डालियां, कपड़े, बोतलें पानी में बहते दिख रहे हैं. हर तरह की चीज़ बाढ़ के पानी में बहती नज़र आ रही है.

एकादितांगल ब्रिज के नीचे की एक सड़क जो कासी थिएटर की तरफ जाती थी, उसका इस वक़्त नामो निशान नहीं हैं. बाढ़ के पानी ने उसे पूरी तरह से ढक लिया है और यह सड़क अब नज़र नहीं आ रही है.

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हालांकि नदी के बहाव में तब्दीली नहीं आई है, लेकिन शहर के कई इलाक़ों में पानी उतरने लगा है.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में फिर बारिश हो सकती है और बादल अब भी चेन्नई के उपर मंडरा रहे हैं.

लेकिन लोग प्रार्थनाओं के सहारे इस विपदा को टालने में जुट गए हैं.

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