लखनऊ वालों को क्यों लगी चेन्नई की फ़िक्र

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केजे मारिया दास यूं तो लखनऊ में हैं लेकिन आजकल उनका ध्यान और कान चेन्नई की तरफ़ ज़्यादा रहते हैं. मारिया दास की बेटी रेहाना मैरी चेन्नई के एक इंस्टीच्यूट में कंप्यूटर इंजीनियरिंग की छात्रा है.

रेहान चेन्नई में फंसी हैं और इसकी वजह से मारिया दास बेहद चिंतित हैं.

डॉ. केजे मारिया दास लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के रेडियोलॉजी विभाग में काम करते हैं.

डॉ. दास ने बताया, "शुरुआत में तो वो अपने हॉस्टल से ही नहीं निकल पा रही थी. संचार व्यवस्था बिगड़ी हुई थी जिसकी वजह से फ़ोन पर भी बातचीत होनी मुश्किल था. बातचीत तो ख़ैर अभी भी बहुत मुश्किल से हो पा रही है."

रेहाना फ़िलहाल चेन्नई में अपनी बुआ के पास पहुँच गई हैं, लेकिन रेल और हवाई सेवाएं दोनों ही बंद हैं.

डॉ दास तमिलनाडु के रहने वाले हैं लेकिन उनके मुताबिक़ इस तरह की भयावह स्थिति उन्होंने पहले नहीं देखी थी.

उन्होंने कहा, "बहन के यहां बेटी के पहुंच जाने से चिंता कुछ कम हुई है पर अब फ़िक्र इस बात की है कि वहां से उसे लखनऊ कैसे लाया जाए."

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लखनऊ स्थित एक अंग्रेज़ी दैनिक में काम करने वाले जेनसन जेम्स को फ़िक्र है कि वो अपने बेटे नितिन को कैसे वहाँ से वापस बुलवाएं.

नितिन बीआईटी चेन्नई में इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष का छात्र है.

वो कहते हैं कि बेटे का रिजर्वेशन ट्रेन में हो चुका था लेकिन ट्रेन रद्द कर दी गई है. वे चाहते थे कि वो उनके एक रिश्तेदार के पास बैंगलुरू चला जाए लेकिन उसके पास पैसे कम हैं. एटीएम मशीने भी ज़्यादातर काम नहीं कर रही हैं."

फ़ोन लाइनों में हुई गड़बड़ी ने हालात और भी बदतर कर दिया है.

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