असम: जेयूएम के 6 कथित जिहादी गिरफ़्तार

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असम पुलिस ने जमात-उल-मुजाहिदीन नाम के जिहादी संगठन के छह संदिग्धों को हथियार समेत गिरफ़्तार करने का दावा किया है.

निचले असम के बाक्सा, चिरांग और ग्वालपाड़ा ज़िले से इन्हें गिरफ़्तार किया गया. पुलिस अब तक जमात के कुल 16 काडरों को गिरफ़्तार कर चुकी है. पुलिस के मुताबिक़ इस संगठन को सामने आए अभी कुछ ही समय हुआ है और इसमें नए काडरों की भर्ती चल रही है.

सितंबर में सुरक्षा बलों ने चिरांग ज़िले के धालीगांव के एक अस्थायी शिविर से संगठन के 10 शीर्ष सदस्य पकड़े थे, जहां नए काडरों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था.

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चिरांग के पुलिस अधीक्षक रजंन भुइंया ने बीबीसी को बताया कि पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए 4 दिसंबर से अभियान छेड़ रखा था.

पुलिस इन गिरफ़्तारियों को अहम मान रही है क्योंकि इनमें आशिक उर्फ़ बुढ़ा भाई भी शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि बुढ़ा भाई नामक यह शख्स जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के काडर सकील से लगातार संपर्क में थे. सकील पश्चिम बंगाल के बर्धवान ज़िले में पिछले दिनों हुए बम विस्फोट में मारा गया था.

पुलिस महानिरीक्षक एलआर बिश्नोई ने बीबीसी को बताया, ''बुढ़ा भाई ने जेएमबी काडर सकील के साथ मिलकर असम में जमात-उल-मुजाहिदीन संगठन बनाया था. सकील बुढ़ा भाई के साथ बरपेटा आया था और वहां उसने कई बैठकें की थीं. तब यह संगठन बना. असम के बाहर भी संगठन को सक्रिय करने की योजना थी. पुलिस संगठन के आर्थिक ढांचे और जेएमबी के दूसरे नेताओं का पता लगाने में जुटी है.''

बिश्नोई के अनुसार गिरफ़्तार सदस्यों का कहना है कि उनका मक़सद मुसलमानों की सुरक्षा करना है. असम के इस बोडो बहुल इलाक़े में पिछले कुछ वर्षों में कई दंगे हुए हैं. इसलिए वो समुदाय के युवकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं.

आईजीपी बिश्नोई ने बताया कि पुलिस को जमात-उल-मुजाहिदीन के 28 प्रमुख काडरों की सूची मिली थी, जिनमें 16 गिरफ़्तार हो चुके हैं. पुलिस मानती है कि इनकी संख्या कहीं अधिक हो सकती है. इनके पास फ़िलहाल अत्याधुनिक हथियार नहीं मिले हैं.

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