पेंटिंग ने बदल दी ज़िंदगी

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

सीमा कोहली प्रसिद्ध कंटेम्पररी महिला कलाकार हैं. 1960 में दिल्ली में एक सिख परिवार में जन्मीं सीमा बचपन से ही अंतर्मुखी थीं.

उनके पिता ने उन्हें काग़ज़ और रंग लाकर दिए ताकि वह अपनी भावनाओं को चित्रों के ज़रिए दर्शा सकें.

उपाय कारगर रहा और चित्र इस नन्हीं बच्ची की अभिव्यक्ति का माध्यम बन गए.

उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से दर्शन शास्त्र में पढ़ाई की और साउथ पॉलिटेक्निक से एप्लाइड आर्ट में डिप्लोमा किया.

आगे चलकर अपनी कला अभिव्यक्ति में उन्होंने अपने जवाब खोजने शुरू किए. सीमा के चित्र अध्यात्म से जुड़े हैं.

कला को अभिव्यक्त करने के लिए उन्होंने कई माध्यमों का उपयोग किया जिसमें मूर्तिकला, वीडियो इंस्टेलेशन, मिक्स मीडिया, फोटोग्राफ़ी आदि शामिल हैं.

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Image caption दिल्ली में रहने वाली सीमा कई एकल और समूह प्रदर्शनियां कर चुकी हैं. उनके चित्र कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय निजी कलेक्शन का हिस्सा हैं. उनका मानना है कि जीवन का हर पल ख़ूबसूरत है और प्रेरणा के लिए आपको उसे खोजने की ज़रूरत नहीं. वो आपके आसपास ही मौजूद है.
Image caption सीमा जब कैनवस के साथ बैठती हैं, तो कोई योजना नहीं बनातीं. उनके ब्रश ख़ुद उन्हें कहानी चित्रित करने की प्रेरणा देते हैं.
Image caption उनका मानना है कला को किसी एक परिभाषा में नहीं बांधा जा सकता. कलाकार किसी भी माध्यम में अपनी भावना व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र होता है.
Image caption पेंटिंग के अलावा सीमा ने कई स्कल्पचर और पब्लिक आर्ट भी बनाए हैं. उनके चित्र आध्यात्मिक हैं. उनके चित्रों में महिला पात्र महत्वपूर्ण भूमिका में होते हैं.
Image caption सीमा अनुशासित कलाकार हैं और कलाकार के लिए अनुशासन को अहम मानती हैं. सीमा को चित्रकारी के अलावा किताबें पढ़ने का भी शौक है.
Image caption सीमा को विभिन्न माध्यमों में काम करना पसंद है. उनका दर्शन का अध्ययन उनके चित्रों में साफ़ झलकता है.
Image caption उन्होंने परफ़ॉरमेंस आर्ट, पब्लिक आर्ट, इंस्टालेशन आर्ट, आर्ट राइटिंग कई माध्यमों के ज़रिए अपनी कल्पनाशीलता को व्यक्त किया है.
Image caption सीमा कहती हैं कलाकार अपने अचेतन को व्यक्त करने के लिए किसी भी माध्यम का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है. उन्हें मिक्स मीडिया में काम करना पसंद है.
Image caption उन्हें 2008 में ललित कला नेशनल अवार्ड फ़ॉर वीमन और 2009 में वीडियो इंस्टेलेशन के लिए फ़्लोरेंस बिनाल में गोल्ड अवार्ड दिया गया.

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