'चाय वाले के पास 10 लाख का सूट कहां से आया'

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डीडीसीए विवाद और सीबीआई छापेमारी पर चर्चा के लिए मंगलवार को बुलाए गए दिल्ली विधान सभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर काम न करने देने का आरोप लगाया.

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे हमले करते हए कहा कि मोदी सरकार पिछले एक साल से अड़चनें लगा रही है और दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दे रही है.

केजरीवाल का कहना था, ''पहले हमारे विधायकों को गिरफ़्तार कराया, हम चुप रहे. फिर एलजी के मार्फ़त हर फ़ैसले को उलटने का काम किया गया. हम तब भी चुप रहे.''

लेकिन अपने प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय पर छापेमारी का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा, “15 दिसम्बर को जो काम हुआ, वो बहुत शर्मनाक है और इतिहास में ऐसी शर्मनाक घटना कभी नहीं हुई, प्रधानमंत्री को शर्म आनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को चाहिए वो व्यापमं, टूजी घोटालों को लेकर कार्रवाई करे.

उन्होंने एक बार दोहराया कि असल में सीबीआई 2007 में हुए घोटाले की फ़ाइलें ज़ब्त करने नहीं, बल्कि डीडीसीए की फ़ाइलें देखने आई थी.

उन्होंने कहा कि सीबीआई छापेमारी केवल और केवल अरुण जेटली को बचाने के लिए हुई थी.

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उन्होंने पूछा, “14 घंटे तक छापेमारी चली, राजेंद्र कुमार की छह दिनों तक पूछताछ चली, उनसे कुल 50 घंटे पूछताछ हुई और कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी हुई, लेकिन सीबीआई को क्या मिला?”

केजरीवाल ने कहा, "सीबीआई ने कहा कि राजेंद्र कुमार के खाते में 27 लाख रुपए और उनके घर दो लाख 39 हज़ार रुपए नक़दी के अलावा दर्जन भर शराब की बोतलें पाईं गईं."

मुख्यमंत्री ने मोदी पर तंज़ कसते हुए पूछा कि एक चाय वाले (मोदी ख़ुद को चायवाला कहते हैं) के पास 10 लाख रुपये का सूट कहां से आया?

केजरीवाल ने कहा, ''राजेंद्र कुमार तो एक उंची सैलरी वाले अधिकारी हैं, उनके पास इतनी नक़दी होना अस्वभाविक नहीं है.''

उन्होंने कहा कि जब वो इनकम टैक्स विभाग में नौकरी करते थे तो उन्होंने भी कई जगह छापेमारी की थी लेकिन अगर छापेमारी में कुछ नहीं निकलता था तो अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होती थी.

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राजेंद्र कुमार के दफ़्तर और घर पर सीबीआई की छापेमारी को 'फ़ेल' क़रार देते हुए उन्होंने इसके लिए मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया.

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई सीधे प्रधानमंत्री के अधीन काम करती है इसलिए सीबीआई की 'फ़ेल छापेमारी' के लिए प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए.

उन्होंने राजेंद्र कुमार का बचाव करते हुए कहा, ''अगर भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना मेरा काम है तो ईमानदार अफ़सरों के साथ खड़े रहना भी मेरा फ़र्ज़ है.''

उन्होंने कुछ दिनों पहले अपने एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ़्तारी का हवाला दिया.

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि ''विपक्ष को ख़रीद लो या ख़त्म कर दो का उनका गुजरात मॉडल नहीं चलेगा.''

मुख्यमंत्री ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा, “न खाउंगा न खाने दूंगा का नारा देकर आए थे, अब उनका नारा हो गया है न करूंगा न करने दूंगा.”

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