छत्तीसगढ़: 'लेनदेन' के टेप पर अमित जोगी को नोटिस

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छत्तीसगढ़ में पिछले साल विधानसभा के एक उपचुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के परिजनों और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बीच ‘लेनदेन’ के कुछ कथित टेप सार्वजनिक होने के बाद हंगामा मचा है.

हालांकि इस टेप को कांग्रेस नेता अजीत जोगी ने ‘मनगढ़ंत’ और ‘झूठा’ बताते हुए इसे सार्वजनिक करने वालों के ख़िलाफ़ अदालती कार्रवाई की बात कही है.

वहीं, राज्य कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अजीत जोगी और उनके बेटे विधायक अमित जोगी को तत्काल पार्टी से बाहर करने की मांग की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बुधवार को छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को इस मामले में नोटिस जारी किया है.

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पिछले साल 13 सितंबर को बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था, जिसमें कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे. लेकिन चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया था.

हालत ये हुए थे कि नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीतने के लिए कोशिशें शुरू की और एक-एक कर 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान से हट गए.

इस सीट पर भाजपा के अलावा सिर्फ़ अंबेडकराइट पार्टी ऑफ़ इंडिया के रूपधर पुड़ो ही मैदान में थे. चुनाव में पुड़ो हारे थे और भाजपा के भोजराज नाग 50 हज़ार से भी अधिक मतों से जीते थे.

उधर नई दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा है कि कांग्रेस के उम्मीदवार को मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पैसे का प्रलोभन देकर बिठाया था.

उन्होंने इस मुद्दे पर रमन सिंह का इस्तीफा मांगा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की जांच कराने को कहा है.

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इसी चुनाव से जुड़ी कथित बातचीत के एक टेप में मुख्यमंत्री रमन सिंह के क़रीबी रिश्तेदार, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे विधायक अमित जोगी, विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार के बीच कई करोड़ के कथित लेनदेन का उल्लेख है.

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पूरे मामले को झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए कहा है, ''हमने इस मामले में अपने वकील से बात की है और झूठे आरोप लगाने वालों के ख़िलाफ़ बुधवार को दीवानी और फ़ौजदारी मुक़दमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं.''

जोगी ने यह भी कहा कि ऐसे टेप अदालत में मान्य नहीं होते और इसे कथित रूप से सार्वजनिक करने वालों को दो साल के लिए जेल जाने को तैयार रहना चाहिए.

वहीं पहले से कांग्रेस में अजीत जोगी के विरोधी समझे जाने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.

भूपेश बघेल ने कहा, ''इस टेप के सार्वजनिक होने के बाद यह बात साफ़ हो गई है कि कांग्रेस को कौन लोग कमज़ोर कर रहे हैं. ऐसे लोगों को पार्टी में एक मिनट भी रहने का अधिकार नहीं है. हमने इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की है.''

इधर, उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार ने भी कहा कि उन्होंने किसी दबाव या प्रलोभन में नाम वापस नहीं लिया था. पवार ने भी इस टेप को झूठा बताया है.

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