माओवादियों ने तीनों छात्रों को छोड़ा

इमेज कॉपीरइट CG KHABAR

छत्तीसगढ़ के बस्तर से अपहृत पुणे के तीन छात्रों को माओवादियों ने शुक्रवार को रिहा कर दिया.

तीनों अपह्रत छात्र रविवार दोपहर चिंतलनार स्थित सीआरपीएफ़ के कैंप पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ हो रही है.

बस्तर के आईजी एसआरपी कल्लुरी ने छात्रों की रिहाई की पुष्टि की है.

इससे पहले इन छात्रों के अपहरण के बाद पुलिस ने दक्षिण बस्तर में अपने सारे ऑपरेशन बंद करने की घोषणा की थी.

पुलिस ने कहा था कि जब तक छात्र रिहा नहीं होते, पुलिस और सुरक्षाबल माओवादियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह का अभियान नहीं चलाएंगे.

इमेज कॉपीरइट CG KHABAR
Image caption मराठी भाषा में छात्रों का लिखा गया पत्र

कल्लुरी ने छात्रों की सुरक्षित रिहाई की उम्मीद जताते हुए कहा था कि उनकी रिहाई में पहल करने वालों की पुलिस हरसंभव मदद करेगी.

पुलिस के अनुसार पुणे में पढ़ाई कर रहे आदर्श पाटिल, बिलाश वकाले और श्रीकृष्ण शेवाले 20 दिसंबर को महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडीशा की साइकिल यात्रा पर निकले थे.

शांति का संदेश लेकर निकले इन तीनों छात्रों को बस्तर के कुटरू में अंतिम बार एक जनवरी को देखा गया था. जिसके बाद से उनका पता नहीं चल रहा था.

माओवादियों द्वारा इन तीनों छात्रों के अपहरण की पुष्टि के बाद पुलिस ने उनकी रिहाई के लिए मीडिया और सामाजिक संगठनों से भी मदद की अपील की थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार