पठानकोट: छह चरमपंथी मारे गए

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रक्षा मंत्री मनोहर परिक्कर ने मीडिया को बताया कि पठानकोट में अब तक कुल छह चरमपंथी मारे जा चुके हैं.

हलांकि एयरबेस के अंदर अब भी ऑपरेशन जारी है.

एयरबेस को जोड़ने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.

दूसरी ओर पठानकोट में कल दो दिनों के बाद आज कुछ दुकानें खुलीं लेकिन अब भी स्थानीय लोग सकते में हैं.

कईयों का मानना है कि पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान सीमा पर पर्याप्त सुरक्षा ना होने की वजह से बार-बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

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शनिवार को तड़के हुए चरमपंथी हमले में अब तक सात भारतीय सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है और 20 घायल हुए हैं. छह चरमपंथियों की भी मौत हुई है.

इलाके में चरमपंथियों की तलाश के लिए सेना का अभियान शुरू हुए लगभग 60 घंटे से ज़्यादा बीत चुके हैं. चप्पे-चप्पे में भारतीय फौज के जवान गश्त लगा रहे हैं.

सोमवार सुबह 4 बजे के बाद अचानक भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमानों की दो से तीन बार उड़नें की आवाजें भी आईं.

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पठानकोट एयरबेस उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरबेस में से एक है और भारतीय सेना दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सेना मानी जाती है.

दूसरी ओर यहां सीमा पर कंटीले तारों वाली आठ फुट लंबी दीवारें हैं.

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इन सबके बावजूद जल्दी सफलता के ना मिलने की एक बड़ी वजह तो ये है कि सेना फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. वो चाहती है कि सैन्य अभियान के कारण अपने लोगों के जान-माल का कम से कम नुकसान हो.

दूसरी दिक्कत ये आ रही है कि रात होने के कारण तलाशी अभियान धीमे पड़ गए हैं.

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