शिया धर्मगुरु की फांसी पर बँटे लखनऊ के मुसलमान

कल्बे जब्बाद प्रदर्शन को संबोधित करते हुए. इमेज कॉपीरइट ATUL CHANDRA

सऊदी अरब में शिया धर्मगुरु शेख निम्र अल-निम्र को मौत की सज़ा होने के बाद लखनऊ में शिया मौलाना क़ल्बे जव्वाद की ओर से बीते रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन को सुन्नी मौलानाओं ने अनुचित ठहराया है.

मौलाना ख़ालिद रशीद फिरंगीमहली इसे शहर में शिया और सुन्नियों के बीच मतभेद पैदा करने का प्रयास बताते हैं.

वहीं जमायते उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना अब्दुल अलीम फ़ारूक़ी ने कहा कि यह एक देश के आतंरिक सुरक्षा मामले में हस्तक्षेप है.

प्रदर्शन के दौरान मौलाना जव्वाद ने सऊदी अरब के सामाजिक बहिष्कार की मांग की थी.

इमेज कॉपीरइट Getty

मौलाना फ़ारूक़ी कहते हैं कि शिया धर्मगुरु निम्र को सऊदी अरब में कानूनी प्रक्रिया के बाद सज़ा दी गई थी. फ़ारूक़ी ने चेतावनी दी कि अगर विरोध बंद न हुआ तो वो ईरान और सीरिया में सुन्नियों के मारे जाने का विरोध शुरू कर देंगे.

लखनऊ की अल फ़ारूक फ़ाउंडेशन के महासचिव अब्दुल्ला बुखारी ने कहा कि विरोध ईरान के इशारे पर हो रहा है. इससे शहर के अमन को ख़तरा है.

वहीं, मौलाना क़ल्बे जव्वाद ने कहा कि फ़ारूक़ी की वेबसाइट पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) का झंडा लगा था. इससे लगता है कि वो आईएस के हिमायती हैं.

इमेज कॉपीरइट ATUL CHANDRA

इस पर मौलाना फ़ारूक़ी कहते हैं, "हम आईएस को मुसलमानों का नुमाइंदा नहीं समझते. हम वेबसाइट नहीं बना पाते हैं, किसने बनाई मुझे नहीं मालूम. हम फ़साद और ख़ून बहाने से दूर रहते हैं."

उन्होंने कहा कि शेख निम्र अल-निम्र को दहशतगर्दी की सज़ा दी गई और दहशतगर्दों का कोई मज़हब नहीं होता.

मौलाना क़ल्बे जव्वाद का विरोध करते हुए मौलाना ख़ालिद रशीद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में ईरान द्वारा बड़ी संख्या में सुन्नियों के मारे जाने पर चिंता जताई गई है. ईरान ने तेहरान में सुन्नियों की एक बड़ी और अकेली मस्जिद को गिरा दिया है.

इमेज कॉपीरइट AFP

मौलाना ख़ालिद रशीद ने शियाओं के विरोध को अनुचित ठहराते हुए कहा कि जिन 47 लोगों को मौत की सज़ा दी गई है, उनमें केवल तीन शिया थे, बाक़ी सुन्नी थे. इसलिए विरोध उचित नहीं है.

लखनऊ में शिया और सुन्नी बीच पहले कई दंगे हो चुके हैं, लेकिन पिछले कई साल से दोनों के बीच शांति है.

इसलिए मौलाना ख़ालिद रशीद को डर है कि कहीं इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश तो नहीं हो रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार