'बड़े कांड करने वाले बाहर, जेल में कॉमेडियन'

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कॉमेडियन किकू शारदा की गिरफ़्तारी की उनके साथी कलाकारों ने आलोचना की है.

टीवी कॉमेडी शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में किकू शारदा ने पंजाब और हरियाणा के धर्मगुरू बाबा राम रहीम की मिमिक्री की थी.

जिसके बाद उनके एक भक्त की शिकायत के बाद किकू शारदा को गिरफ़्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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कॉमेडियन सुगंधा मिश्रा ने बीबीसी से कहा, "ये एक दुर्भाग्यशाली घटना है. इससे हम कॉमेडियन के मनोबल पर असर पड़ेगा. कलाकार का इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं होता है. और किकू ने माफ़ी भी मांग ली है इसलिए उनकी गिरफ़्तारी एक प्रकार से ज़्यादती है."

सुगंधा ने आगे कहा, "मैं ख़ुद लता मंगेशकर जैसी महान कलाकार की नक़ल करती हूं लेकिन उन्होंने कभी भी कोई आपत्ति नहीं जताई. उल्टे उन्होंने मुझे काफ़ी प्यार दिया."

किकू शारदा के साथ कई शोज़ कर चुके कॉमेडियन सुनील पॉल भी उनका बचाव करते हुए कहते हैं, "बड़े-बड़े कांड करने वाले लोग बाहर खुले घूम रहे हैं और एक कॉमेडियन को जेल में डाल दिया गया. ये एक ओवररिएक्शन है."

हलांकि सुनील पाल और सुगंधा मिश्रा दोनों ने ही ये भी कहा कि कलाकारों को भी संयम बरतना चाहिए और अगर किसी के लाखों अनुयायी हैं तो सीमा में रहकर मज़ाक़ करना चाहिए.

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उद्योगपति सुहैल सेठ ने ट्वीट किया, "बाबा राम रहीम जैसे बहरुपिया की नक़ल करने के लिए तो किकू शारदा को अवॉर्ड मिलना चाहिए था. वर्ना कौन बाबा राम रहीम जैसों पर टाइम वेस्ट करेगा."

किकू शारदा के साथी कलाकार और मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा ने ट्वीट किया, "मैं बाबा राम रहीम इंसा से निवेदन करता हूं कि वो सामने आएं और एक कलाकार जो दूसरों को सिर्फ़ ख़ुशी बांटने का काम करता है, उसके हक़ में खड़े होकर इंसानियत की ख़ूबसूरत मिसाल पेश करें."

फ़िल्मकार और सेंसर बोर्ड सदस्य अशोक पंडित ने ट्वीट किया, "किकू एक शानदार कलाकार और बेहतरीन इंसान हैं. उन्होंने माफ़ी मांग ली है. इसलिए मामला यहीं ख़त्म होना चाहिए."

सोशल मीडिया पर भी इस गिरफ़्तारी पर जमकर चर्चा हो रही है.

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शिफ़ाली नाम की ट्विटर यूज़र ट्वीट करती हैं, "एक कॉमेडियन को बाबा बनने के लिए जेल में डाल दिया गया और एक बाबा जो कॉमेडियन जैसी हरकतें करता है उसका क्या."

बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पेज पर मोहम्मद अतहर ख़ान लिखते हैं, "अब अनुपम खेर जी कहां हैं जो असहिष्णुता के मुद्दे पर बढ़ चढ़कर सरकार का बचाव कर रहे थे."

लीलाधर लिखते हैं, "कलाकारों के साथ ऐसा बेहूदा अन्याय ना करें. कला को स्वतंत्र रूप से विकसित होने दें."

कुछ लोगों ने किकू की गिरफ़्तारी को सही भी ठहराया है.

तौक़ीर ख़ान ने लिखा, "किसी की भावना से खिलवाड़ करने का किसी को हक नहीं है. मनोरंजन के लिए धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का प्रयास करना बंद कर देना चाहिए."

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