'विश्वविद्यालय देश विरोधी हरकतों का अड्डा बना'

बंडारू दत्तात्रेय इमेज कॉपीरइट Labour Ministry

तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एक दलित छात्र की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के ख़िलाफ़ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

रोहित वेमुला होस्टल और चार अन्य छात्रों को हाल ही में हॉस्टल से निकाला गया था जिसके बाद वो खुले में रह कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

हैदराबाद की अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन का आरोप है कि दत्तात्रेय की पहल के बात ही सारी समस्याएं शुरू हुईं.

दत्तात्रेय ने 17 अगस्त, 2015 को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को एक ख़त लिखा था.

अंग्रेज़ी में लिखे इस ख़त का मज़मून कुछ इस तरह था.

"जैसा कि आप जानती हैं मैं संसद में सिकंदराबाद का प्रतिनिधित्व करता हूं, जिसमें हैदराबाद का बड़ा हिस्सा आता है.

हैदराबाद में स्थित हैदराबाद विश्वविद्यालय पिछले कुछ समय से जातिवादी, अतिवादी और देश-विरोधी गतिविधियों का अड्डा बन गया है.

इमेज कॉपीरइट Kumar Sundaram
Image caption रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी के विरोध में हैदराबाद से दिल्ली तक प्रदर्शन के जा रहे हैं.

यह इसी से दिखता है कि जब याक़ूब मेनन को फ़ांसी दी गई थी तो एक प्रभावशाली छात्र संगठन 'अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन' ने इस फ़ांसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था.

जब परिसर में एबीवीपी के अध्यक्ष सुशील कुमार ने इसका विरोध किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसी सारी घटनाओं का मूक गवाह बना हुआ है. अपनी बात के समर्थन में मैं कुछ विस्तृत ब्यौरे भी भेज रहा हूं.

यह ख़त लिखने का मेरा उद्देश्य हैदराबाद विश्वविद्यालय की स्थितियों को उजागर करना है. मुझे उम्मीद है कि आपके कुशल नेतृत्व में परिसर में अच्छे के लिए बदलाव होंगे."

हालांकि, सोमवार को मंत्री दत्तात्रेय ने न्यूज़ चैनल एनडीटीवी से कहा कि उनके लिखे ख़त का छात्र की आत्महत्या से कोई संबंध नहीं है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार