विरोध कर रहे छात्र बीजेपी से नाराज़ नहीं: थावर चंद

इमेज कॉपीरइट ROHITH VEMULA FACEBOOK PAGE

केंद्रीय समाज कल्याण मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा है कि रोहित आत्महत्या प्रकरण के बावजूद दलित युवा भाजपा से दूर नहीं हुए हैं.

उनका दावा है कि केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी को लिखे पत्र का इस मामले से कोई संबंध नहीं है.

हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे दलित छात्र रोहित वेमुला ने रविवार को आत्महत्या कर ली थी. उन्हें और चार अन्य को यूनिवर्सिटी ने सस्पेंड कर दिया था और हॉस्टल से निकाल दिया था.

इमेज कॉपीरइट pti

तेलंगाना पुलिस ने आत्महत्या के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के ख़िलाफ़ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया है.

केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य से बातचीत में क्या कहा, विस्तार से पढ़ें...

"एक युनिवर्सिटी के छात्र ने आत्महत्या की है ये दुखद है. लेकिन स्मृति ईरानी जी और बंडारू दत्तात्रेय जी का इस आत्महत्या से कोई संबंध नहीं है क्योंकि उस छात्र को आत्महत्या करने के लिए ना तो उन्होंने प्रेरित किया और ना ही मजबूर किया.

जो लोग आरोप लगा रहे हैं वो केवल आरोप लगाने कि लिए ही हैं.

स्मृति ईरानी जी ने तो पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने और अपराधियों को दंड दिलाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से दो सदस्यीय समिति बनाकर घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

इमेज कॉपीरइट AP

समाज कल्याण मंत्रालय की सचिव इसकी जानकारी जुटा रही हैं. अगर ऐसी कोई जानकारी सामने आती है जिसके मुताबिक जाति के आधार पर उत्पीड़न का मामला बनता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी.

अगर बंडारू दत्तात्रेय के पास कुछ छात्र (अखिल भारतीय छात्र परिषद) शिकायत लेकर आए कि उनके साथ मारपीट हुई है तो उन्हें उस पर कार्रवाई तो करनी ही थी.

अगर वो कार्रवाई ना करते तो भी उन पर सवाल उठते.

इमेज कॉपीरइट Labour Ministry

अगर मारपीट का आरोप किसी और जाति के छात्र पर लगा होता तो उसके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई होती, इसका जवाब विश्वविद्यालय दे तो बेहतर होगा, मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता.

देश भर में विरोध कर रहे छात्रों में भारतीय जनता पार्टी या सरकार के ख़िलाफ़ नाराज़गी नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकारें और नरेंद्र मोदी की सरकार ही अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग की सर्वाधिक हितैशी है.

पिछले डेढ़ साल में केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एक नहीं अनेक योजनाएं पिछले डेढ़ साल से उनके लिए लेकर आई हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार