लड़कियों की ख़ुदकुशी के मामले में दो गिरफ़्तार

फ़ाइल फोटो

तमिलनाडु में पुलिस ने एक कॉलेज मालिक के बेटे और प्रिंसिपल को गिरफ़्तार किया है. उन्हें तीन छात्राओं की आत्महत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस के अनुसार शनिवार को छात्राओं ई सरान्या, वी प्रियंका (दोनों 18) और मोनिशा (19) ने कथित तौर पर अधिक फ़ीस की मांग होने पर कुएं में छलांग लगाकर जान दे दी थी.

बताया जा रहा है कि विल्लुपुरुम के कल्लाकुरुचि स्थित एसवीएस योग मेडिकल कॉलेज की इन छात्राओं ने ये क़दम कॉलेज प्रबंधन के 'कृत्यों' को उजागर करने के लिए उठाया.

पहली नज़र में आत्महत्या की वजह 'अधिक फ़ीस' को इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि छात्रों ने पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में अधिक फ़ीस वसूलने और इसकी रसीद नहीं देने के कॉलेज प्रबंधन के क़दम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था.

इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "गिरफ़्तार लोग हैं- कॉलेज मालिक का बेटा सुखी वर्मा और कॉलेज के प्रिंसिपल कलानिधि."

विल्लुपुरम की ज़िला कलेक्टर एम लक्ष्मी ने कहा, "संदिग्ध परिस्थितियों में जिन छात्राओं के शव मिले हैं, वे एसवीएस कॉलेज की हैं. शवों को अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस मामले से जुड़े चार व्यक्तियों के ख़िलाफ़ जाँच शुरू हो गई है."

पीड़ितों में कॉलेज प्रबंधन के ख़िलाफ़ इस कदर गुस्सा है कि दो छात्राओं के माता-पिता ने तब तक शवों का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है जब तक कि सरकार कॉलेज के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करती.

लक्ष्मी ने कहा, "सरान्या के माता-पिता ने पोस्टमॉर्टम की इजाज़त दे दी है. दो अन्य छात्राओं के माता-पिता ने अभी रज़ामंदी नहीं दी है. हम उनसे बात कर रहे हैं."

ज़िला कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन ने छात्रों के साथ बात की है और कॉलेज प्रबंधन के ख़िलाफ़ उनकी शिकायतें सुनी हैं. लक्ष्मी ने कहा, "हम इस मामले को देख रहे हैं. छात्र चाहते हैं कि कॉलेज को सील कर दिया जाए और छात्रों को दूसरे कॉलेजों में दाखिला दिलाया जाए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार