पूजा करने जा रही महिलाओं को रोका गया

इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

महाराष्ट्र के अहमदनगर में मशहूर शनि शिगणापुर मंदिर में परंपरा के विपरीत पूजा करने जा रही महिलाओं को रोक दिया गया है.

स्थानीय पत्रकार संजय तिवारी के अनुसार भूमाता ब्रिगेड नाम के संगठन की महिलाओं को मंदिर से लगभग 60 किलोमीटर दूर सूपा नाम की जगह पर पुलिस ने रोक दिया जिसके बाद महिलाओं ने वहां नारेबाजी की है.

शिगणापुर में शनि शिला एक चबूतरे पर है और इस चबूतरे पर महिलाओं को जाने की अनुमति नहीं है.

लेकिन भूमाता ब्रिगेड के एक संगठन ने इस परंपरा को चुनौती दी है और उन्होंने मंगलवार को चबूतरे पर जाकर पूजा करने की घोषणा की थी.

इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "भारतीय संविधान ने हमें स्त्री पुरूष समानता का अधिकार दिया है, हम उसी के तहत पूजा करने जा रहे हैं. वहां महिला क्यों नहीं जा सकती, महिलाओं के जाने से कैसे भगवान अपवित्र हो सकते हैं."

ब्रिगेड की इस घोषणा का मंदिर के ट्रस्टी और कई अन्य लोग विरोध कर रहे हैं.

मंदिर के पूर्व ट्रस्टी सयाराम बानकर कहते हैं, "चार सौ साल पुरानी ये परंपरा है और हम इसको जारी रखेंगे. इस परंपरा को बदलने का किसी को अधिकार नहीं है. संविधान के मुताबिक हर व्यक्ति को अपने हिसाब से पूजा करने का अधिकार है. हर मंदिर और हर धर्म का अपना तरीका है."

टकराव के इन हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तरफ़ कड़े इतंजाम का दावा किया है.

पुलिस अधीक्षक सौरभ त्रिपाठी ने बताया, "क़ानून व्यवस्था को लेकर किसी तरह की समस्या पैदा न हो, हमने इसके लिए एहतियाती कदम उठाए हैं. इसके लिए अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं और सभी पक्षों से अपील की है कि हालात को न बिगड़ने दें."

त्रिपाठी के अनुसार पुलिस ने महिलाओं से वहां न जाने को भी कहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)