रोहित मामले पर दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन

हैदराबाद में दलित छात्र रोहित वेमुला की मौत के बाद शुरू हुआ छात्रों का विरोध अब देश की राजधानी तक फैल गया है.

दिल्ली के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से जमा हुए सैंकड़ों छात्रों ने बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पदयात्रा निकाली.

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया था और करीब दो किलोमीटर की पदयात्रा के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया गया.

इन छात्रों की मांग है कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय और हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अप्पा राव पोडिले इस्तीफा दें.

विरोध के चलते प्रोफेसर अप्पा राव पोडिले अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए हैं और प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव ने अंतरिम कुलपति का पदभार संभाला है.

छात्र इस नियुक्ति का भी विरोध कर रहे हैं क्योंकि प्रोफेसर श्रीवास्तव उस कार्यकारी काउंसिल के मुख्य रह चुके हैं जिसने रोहित वेमुला और अन्य चार छात्रों को निलंबित किया था.

विरोध करनेवाले छात्रों में वाम पार्टियों के छात्र संगठन, एसएफ़आई और आईसा के अलावा आंबेडकरवादी संगठन शामिल हैं.

साथ ही पिछले महीनों में नॉन-नेट फ़ेलोशिप के मुद्दे को उठानेवाले 'ऑक्यूपाई यूजीसी' और महिलाओं की सुरक्षा और रहने की जगहों से जुड़ी परेशानियों को सामने रखनेवाले संगठन 'पिजरा तोड़' के छात्र भी इसमें जुड़े हैं.

दस दिन पहले 17 जनवरी को रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद छात्रों ने एक 'ज्वाइंट ऐक्शन कमेटी' का गठन किया है.

इसी के तहत वो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत कई शहरों में छात्रों को जुटाकर प्रदर्शन आयोजित करवा रहे हैं.

30 जनवरी को रोहित का जन्मदिन है और उस दिन कई छात्रों के दिल्ली में एकत्रित होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है.

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