भाजपा से नए आश्वासन चाहती है पीडीपी

इमेज कॉपीरइट EPA

रविवार को पीडीपी की बैठक को लेकर क़यास लगाए जा रहे थे कि ये भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर है. लेकिन बैठक के बाद ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया गया.

बैठक ख़त्म होने के बाद पीडीपी नेताओं ने कहा कि बैठक पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर थी.

श्रीनगर में बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर ने बताया, "तीन-चार घंटे तक चली इस बैठक के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओ ने कहा कि गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं हुई."

उनके अनुसार, "नेताओं ने केवल इतना कहा कि पीडीपी भाजपा से कुछ मुद्दों को लेकर आश्वासन चाहती है. इसके अनुसार पिछले साल मार्च में दोनों पार्टियों के बीच जो एजेंडा आॅफ़ एलायंस तय हुआ था उसका पालन किया जाए."

इस एजेंडा आॅफ़ एलायंस की कुछ मुख्य बातें हैं जिन पर पीडीपी का ख़ास तौर से ज़ोर है.

इमेज कॉपीरइट AP

इनमें बिजली परियोजनाओं को वापस राज्य सरकार को सौंपना, अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ़्रेंस से बातचीत शुरू करना और पाकिस्तान के साथ संबंध दोबरा से बहाल करना शामिल है.

इस बैठक पर जब भाजपा नेता लाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ़ से कोई भी नया आश्वासन नहीं दिया जाएगा.

उनके अनुसार जो भी वादे और आश्वासन थे वो मुफ़्ती मोहम्मद सईद के साथ किए जा चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)