जिसने चांडी सरकार की चूलें हिला दी...

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कोट्टायम ज़िले के चेंगानूर इलाक़े में मौजूद सेंट एन्स हायर सेंकेडरी स्कूल के टीचरों को अब भी सरिता एस नायर याद हैं. वह लड़की जो 1994 में 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक लाई थीं.

उस समय डिस्टिंकशन लाना ही बड़ी बात होती थी. उनके शिक्षकों को लगता था कि वो कुशल सरकारी कर्मचारी या फिर आईटी प्रोफ़ेशनल बनेंगी.

लेकिन उन पर लगे करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की ख़बरों से उनके शिक्षक, दोस्त और पड़ोसी सभी हैरान हैं.

उनके स्कूल की शिक्षिका रेचेल कहती हैं, "वह हमारे स्कूल के बेहतरीन छात्रों में थीं और गणित और विज्ञान में हमेशा अच्छे अंक लाती थीं."

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वह बताती हैं, "वह स्कूल में हो रही दूसरी गतिविधियों में भी हिस्सा लेती थीं. उनके बारे में छप रही ख़बरों ने हमें अचंभित और शर्मिंदा कर दिया है."

सरिता के एक कॉलेज के मित्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "वह पढ़ाई में हमेशा से अच्छी थीं. बहुत ही साधारण परिवार से थीं लेकिन उनके साहसी चरित्र को कॉलेज के कई लड़के पसंद करते थे."

सरिता के पिता एक सामुदायिक संगठन में क्लर्क थे. उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पैसों के अभाव में आत्महत्या कर ली थी.

पिता सोमाशेखरन नायर और मां इंदिरा नायर की बेटी सरिता ने शादी से पहले कॉमर्स में बैचलर डिग्री ली. 18 साल की हुईं, तो उनकी शादी दुबई स्थित एक एनआरआई से करा दी गई. लेकिन 2007 में दोनों का तलाक़ हो गया.

इसके बाद सरिता ने कोट्टायम के कोज़नचेरी स्थित एक निजी बैंक में नौकरी शुरू की. सरिता के चलते बैंक को कई नए ग्राहक मिले और उन्होंने बैंक मालिकों का भरोसा जीत लिया.

उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक मालिक के साथ धोखाधड़ी की और फ़रार हो गईं.

इसके बाद वह एक अन्य निजी कंपनी से जुड़ीं, जहां उनकी मुलाकात बीजू राधकृष्णन से हुई, जो सोलर घोटाले के मुख्य अभियुक्त हैं.

आरोप है कि दोनों ने मिलकर व्यापारियों को ठगने की कई योजनाएं बनाईं, जो सफल भी हुईं. दोनों का प्यार हुआ और उन्होंने शादी कर ली. इसके बाद दोनों को वर्ष 2011 में गिरफ़्तार कर लिया गया.

हालांकि रिहा होने के बाद उन्होंने 'टीम सोलर रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन' नाम से एक कंपनी बनाई.

इस कंपनी के ज़रिए उन्होंने कई बड़े मंत्रियों के निजी स्टाफ़ और सचिवों से संपर्क बनाने शुरू किए.

मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और अन्य मंत्रियों से कथित रूप से अच्छे रिश्ते होने की वजह से उनका व्यवसाय भी अच्छा चल रहा था.

फ़िलहाल सरिता ने केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी पर कई आरोप लगाए हैं जिसने पूरी राज्य सरकार को हिला दिया है.

सरिता पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 30 केस दर्ज किए गए हैं.

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