'ये तो झांकी है, देशद्रोही और पिटें तो हैरानी नहीं'

पटियाला हाऊस कोर्ट इमेज कॉपीरइट Tarendra Kishore

दिल्ली की पटियाला हाऊस अदालत में सोमवार को जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की देशद्रोह मामले में पेशी के दौरान छात्रों और पत्रकारों से मारपीट की गई.

इस दौरान कई छात्रों और पत्रकारों को निशाना बनाया गया. कई पत्रकारों ने अपने अनुभव ट्विटर पर भी साझा किए हैं.

एक तरफ जहां इस घटना की कड़ी आलोचना हो रही है, वहीं भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को सही ठहराया.

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, "दिल्ली के वकीलों ने आज पटियाला हाउस कोर्ट में पाकिस्तान समर्थक छात्रों की धुलाई कर दी, देशभक्तों का आक्रोश स्वाभाविक है. जो हुआ वो एक झलक है. पाकिस्तान समर्थक देशद्रोहियों को हर गली मे जूते पड़ें तो भी आश्चर्य नही होना चाहिए."

इकोनॉमिक टाइम्स के अक्षय देशमाने ने लिखा, "पटियाला हाऊस कोर्ट में वकीलों ने मुझ समेत पत्रकारों को पीटा."

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने अधिकारिक अकाउंट से ट्वीट किया, "हिंदुस्तान टाइम्स रिपोर्ट रॉकी सोइबाम को वकीलों की भीड़ ने अदालत के बाहर धकेल दिया. अदालत के भीतर मौजूद सभी पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है."

एक ट्वीट में रॉकी सोइबाम ने लिखा, "वकीलों की भीड़ ने पत्रकारों पर हमला किया, महिला पत्रकारों को भी नहीं बख़्शा."

इंडियन एक्सप्रेस के डिप्टी एडिटर मुज़म्मिल जलील (‏@MuzamilJALEEL) ने लिखा, "हमारे दो संवाददाताओं कोनैन शेरिफ़ और आलोक सिंह को पटियाला हाऊस अदालत के अंदर वकीलों ने पीटा."

पेशे से वकील स्वाति मलिक (@SwatySMalik) ने बीती शाम वकीलों के संगठन की ओर से मिले संदेश की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "पटियाला हाऊस में जेएनयू मामले की सुनवाई पर ये वकील क्यों धौंस दिखा रहे हैं. कल शाम जब ये संदेश मिला तब ही मुझे इसका अंदाज़ा हो गया था."

पेशे से पत्रकार रहे और अब आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष (‏@ashutosh83B) ने लिखा, "मैं टीवी पत्रकारों और जेएनयू शिक्षकों पर हुए हमले की निंदा करता हूँ. वकीलों की पहचान होनी चाहिए और उनके लाइसेंस निलंबित किए जाने चाहिए."

आशुतोष ने आगे लिखा, "किसी पत्रकार ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे नहीं लगाए. फिर उन्हें क्यों पीटा गया. ये दर्शाता है कि विरोध और स्वंत्र आवाज़ों को दबाने के लिए राष्ट्रवाद का बहाना बनाया जा रहा है."

वरिष्ठ पत्रकार यशवंत देशमुख (@YRDeshmukh) ने ट्वीट किया, "उम्मीद करते हैं कि पटियाला हाऊस कोर्ट के भीतर जो हुआ अदालत उसका स्वतः संज्ञान लेगी और दोषियों को निलंबित करेगी."

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