जेएनयू पर 'विपक्षी दलों की बोलती बंद हो गई'

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी पर जारी जंग सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जारी है.

दिल्ली पुलिस ने उन्हें 12 फ़रवरी को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन पर नौ फ़रवरी को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप है.

संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई.

इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''किसी भी पक्ष को अपनी विचारधार दूसरे पक्ष पर थोपनी नहीं चाहिए.'' : टाइम्स ऑफ इंडिया

इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दो टूक कहा कि कैंपस हो या कोई भी जगह हो राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन पर सरकार पूरी तरह सख्ती रखेगी. तो अब तक विरोध जता रहे विपक्षी दलों की बोलती बंद हो गई. : दैनिक जागरण

बैठक में सरकार ने कहा कि वो जेएनयू पर जारी विवाद पर चर्चा के लिए तैयार है. संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार बजट सत्र में हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है. : हिंदुस्तान टाइम्स.

कन्हैया की दिल्ली की एक अदालत में पेशी के दौरान पत्रकारों के साथ हुई मारपीट के खिलाफ पत्रकारों ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया. पत्रकारों ने हमला करने वाले वकीलों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की. टाइम्स ऑफ इंडिया

पत्रकारों, छात्रों और प्राध्यापकों पर हमला करने वाले लोगों में से तीन लोगों का चेहरे कैमरे में कैद हुए हैं. इनमें से एक हैं विक्रम सिंह चौहान. उन्होंने कहा कि देशद्रोहियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की पूरी योजना उन्होंने बनाई थी. उन्होंने कहा कि हालात तब बेक़ाबू हुए जब जेएनयू के छात्रों और प्राध्यपकों ने उन्हें उकसाया. : टाइम्स ऑफ इंडिया

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मंगलवार सुबह जेएनयू के गेट के बाहर कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वो बजरंग दल और एबीवीपी के सदस्य हैं. इन लोगों ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान विरोधी और जेएनयू में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाले लोगों के विरोध में नारे लगाए : टाइम्स ऑफ इंडिया

जेएनयू मामले में दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक़ जिस जूलूस में राष्ट्र विरोधी नारे लगाए गए, उसका नेतृत्व ख़ालिद ने किया, जो डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (डीएसयू) से अलग हुए धड़े से जुड़े हैं. सरकार के मुताबिक़ यह सीपीआई (माओवादी) से जुड़ा है. : टाइम्स ऑफ इंडिया

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दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने जेएनयू में नौ फ़रवरी को हुए कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही सचेत कर दिया था. पुलिस ने इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में दी है. : हिंदुस्तान टाइम्स

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की बिना शर्त रिहाई को लेकर जारी अनिश्चितकाली हड़ताल को लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों दो फाड़ हो गए हैं. एक गुट ने जहां इस मुद्दे पर छात्रों का साथ दिया, वहीं दूसरे गुट पढ़ाई बाधित होने को लेकर इसके विरोध में आ गया है. : द हिंदू.

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