251 रुपए के अलावा 'फ्रीडम' पर पड़ा है पर्दा!

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आज सुबह मेरे भाई ने लखनऊ से फ़ोन किया कि सुबह से वो फ़्रीडम 251 फ़ोन को ख़रीदने के लिए वेबसाइट पर लॉग-इन करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन साइट काम ही नहीं कर रही है.

जब मैंने वेबसाइट खोली तो उसमें लिखा था कि साइट को एक सेकंड में छह लाख से ज़्यादा हिट्स मिले हैं इसलिए कंपनी सिस्टम को अपग्रेड कर रही है औऱ इसमें 24 घंटों तक का वक़्त लग सकता है.

ये सब पढ़कर मुझे कल का दिन याद आ गया जो मैंने इस कंपनी, कंपनी के मालिकों और फ़ोन के बारे में जानकारी जुटाने में बिताया था.

कल जब से मुख्य अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन निकाले कि दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफ़ोन 251 रुपए में मिलेगा तब से कंपनी रिंगिंग बेल के सेक्टर 61 नोएडा दफ़्तर के सामने लोग जुटना शुरू हो गए थे.

हम भी कंपनी और मोबाइल के बारे में जानने दफ्तर पहुंचे. दूसरे माले पर स्थित दफ़्तर को देखकर ऐसा लगता था कि कुछ दिन पहले ही ये खुला हो.

छत से गुब्बारे लटके थे, दफ़्तर में नयापन सा था. शेल्फ़ पर कंपनी के कुछ लीफ़लेट्स रखे थे. लेकिन फ़ोन के बारे में किसी को कुछ पता नहीं था.

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क्या कोई बता सकता है फोन के बारे में? कंपनी का बिज़नेस मॉडल क्या है, क्या ये प्रोमोशनल ऑफ़र है. कंपनी के प्रोमोटर्स कौन हैं, क्या फ़ोन पूरी तरह से भारत में निर्मित होगा, क्या कंपनी को मुनाफ़ा होगा. क्या कंपनी को सरकार से सब्सिडी मिल रही है जैसा कि कहा जा रहा है?

कंपनी प्रमुख अशोक चड्ढा कौन हैं और फ़ोन के लांच में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का नहीं आना क्या संदेश देता है. ऐसे कई सवाल मेरे दिमाग में घूम रहे थे.

लेकिन उस छोटे से दफ़्तर में किसी के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं था. कंपनी प्रमुख अशोक चड्ढा ने फ़ोन पर बताया वो बेहद व्यस्त हैं और साउथ ब्लॉक में हैं.

और किसी को कुछ पता नहीं था. रिसेप्शन पर हर थोड़ी देर में लोग फ़ोन के बारे में जानने आ रहे थे. एक की शिकायत थी विज्ञापन में दिए गए कई टेलीफ़ोन नंबरों को कोई नहीं उठाता था.

एक टैक्सी कंपनी का मालिक अपने ड्राइवरों के लिए करीब 100 फोन लेने आया था. एक दूसरा व्यक्ति अपने परिवार के लिए तीन-चार फ़ोन चाहता था. ऐसे कई व्यक्ति नीचे गेट पर अखबार खोले गार्ड से जानकारी चाह रहे थे लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

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शाम को मैं नेहरू पार्क पहुंचा जहां फ़ोन का लांच होना था. सात बजे का वक्त था. मीडिया डेस्क के पास कोई जानकारी नहीं थी.

वहां माहौल देखकर मेरे साथ खड़े एक व्यक्ति ने कहा ये तो किसी शादी का माहौल लगता है. दरअसल वहां खाने का ज़बरदस्त इंतज़ाम था. दही भल्ले, चाट, पानी के बताशे, पाव भाजी, पनीर टिक्का, पिज़्जा, खीर. आप नाम लें और वो चीज़ वहां मौजूद थी. लेकिन फ़ोन के बारे में जानकारी देने के लिए ढूंढने पर भी कोई नहीं मिल रहा था.

दो बड़े स्क्रीन पर कंपनी के बारे में प्रोमो चल रहे थे. स्लेटी रंग के कोट पहने सिक्योरिटी गार्ड हाथ में वायरलेस लिए यहां वहां घूम रहे थे. पता चला प्रोमोटर्स के परिवार का ताल्लुक शामली से है. खाना सर्व कर रहे कुछ लोगों के कपड़ों पर शामली लिखा था.

टहलते टहलते दो घंटे बीत गए लेकिन साफ़ नहीं था कि कार्यक्रम कब शुरू हो गया. पत्रकार इस बात पर बहस कर रहे थे कि क्या मनोहर पर्रिकर आएंगे.

अशोक चड्ढा की पत्नी कविता, कंपनी के एक कर्मचारी उमेश ने भी बार बार जानकारी दिलाने का भरोसा दिलाया लेकिन हम इंतज़ार करते रहे. नौ बज चुके थे लेकिन हमें बताया गया कि फिर शबीर नाम के एक गायक गाना पेश करेंगे. जब अपने स्वागत में उन्हें ताली बजाने की गुज़ारिश की तो बहुत कम लोगों ने ये ज़हमत उठाई.

आखिर अशोक चड्ढा सामने आए और बताया कि मनोहर पर्रिकर बैठक में फंसे हैं और क्या कार्यक्रम शुरू किया जाए या फिर इंतज़ार किया जाए. एक पत्रकार ने कहा इतनी देर होगी तो वो कहानी कब फ़ाइल करेंगे.

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आखिरकार भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अशोक चड्ढा ने फ़ोन के बारे में जानकारी दी, कि कैसे वो दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्ट फोन लांच कर पा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि शुरुआत में वो मोबाइल की एसेंबली नोएडा में कर रहे हैं और नोएडा और उत्तराखंड में फ़ैक्टरियां लगाने की योजना है.

कुमार के अनुसार उन्हें मेक इन इंडिया कार्यक्रम से ड्यूटी का 13.8 प्रतिशत फायदा मिलेगा जिससे दाम 400 रुपए कम होगा.

ऑनलाइन प्लेटफ़ार्म पर इसे बेचने से दाम में 400 से 500 रुपए की कमी होगी. मार्केटिंग के नए तरीकों से दाम में और कमी होगी. फिर वो अपने प्लेटफ़ार्म का इस्तेमाल नई कंपनियों को जगह देने में करेंगे. लेकिन मुझे लगा कि उनके जवाब में बहुत अगर, मगर शामिल थे.

रात के 10.30 बजने को थे और पत्रकारों का धैर्य खत्म हो चला था. उनके जवाबों से पत्रकार कितने संतुष्ट हुए होंगे ये पता नहीं लेकिन मुझे अपने कुछ सवालों का जवाब मिला और कुछ का नहीं.

उम्मीद है कि अशोक चड्ढा अपने इस फ़ोन के बारे में पूछे जा रहे कई सवालों के बारे में और जानकारी मुहैया करवाएंगे.

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