जेएनयू के दलित प्रोफ़ेसर के कार्यक्रम में हंगामा

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Image caption जेएनयू के प्रो.विवेक कुमार

ग्वालियर में जेएनयू के समाजशास्त्र के प्रोफ़ेसर प्रो. विवेक कुमार के भाषण के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने हंगामा खड़ा कर दिया.

भारत माता की जय के नारे लगाए गए. लोगों ने कार्यक्रम को बंद करने की कोशिश की.

हाथापाई भी हुई और ख़बर है कि गोलियां भी चलीं.

बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद ने इस सिलसिले में जब प्रो. विवेक कुमार से बात की तो उन्होंने इस घटना की पुष्टि की.

सुनिए उनसे हुई बातचीत.

उन्होंने कहा कि ग्वालियर की एक छोटी सी संस्था है आंबेडकर विचार मंच. उसने रविवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया था जिसका विषय था 'बाबा साहब आंबेडकर के सपनों का भारत.'

प्रो. कुमार ने क़रीब एक घंटे तक वक्तव्य दिया. इस दौरान पता चला कि बाहर कुछ लोग हल्ला मचा रहे है, ईंटे चल रही हैं. लोग बाहर निकलने लगे.

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Image caption फ़ाइल फोटो

फिर पता चला कि कुछ लोग नारे लगा रहे हैं- भारत माता की जय! वो लोग कार्यक्रम बंद करवाना चाहते थे. इतने में हाथापाई शुरू हो गई.

कार्यक्रम को बाधित करने वाले लोग कौन थे, ये पूछे जाने पर प्रोफ़ेसर विवेक कुमार ने कहा कि वो अंदर थे इसलिए उनके लिए दावे के साथ कहना मुश्किल है कि कौन लोग थे.

हालांकि कई मीडिया के मुताबिक़ प्रोग्राम को बंद कराने की कोशिश करने वाले लोग बीजेपी के छात्र संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य थे.

प्रो. कुमार को आयोजकों ने सुरक्षित गाड़ी में बैठा कर घटनास्थल से रवाना कर दिया. बाद में उन्हें पता चला कि वहां गोली भी चली. कुछ लोगों के सर भी फट गए.

प्रो. कुमार ने कहा कि हो सकता है कि इस विरोध का ताल्लुक़ जेएनयू विवाद से हो. लेकिन उन्होंने इस बात पर असमंजस ज़ाहिर किया कि आंबेडकर का जेएनयू विवाद से क्या ताल्लुक़.

Image caption जब सरकार भी आंबेडकर की 125वीं जयंती मान रही है तो ऐसे में आंबेडकर पर भाषण के विरोध का क्या औचित्य

विवेक कुमार ने आयोजक संस्था कोई राजनीतिक दल नहीं है कि इसका विरोध किया जाए. उन्होंने सवाल किया कि 'कहीं ऐसा तो नहीं कि ये प्रदर्शनकारी नहीं चाहते कि आंबेडकर की विचारधारा के बीज मध्यप्रदेश में पड़ें या इस पर कोई वृहत बहस शुरू हो.'

उन्होंने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि चूंकि उनका संबंध जेएनयू से है इसलिए ये हंगामा किया गया. हालांकि उन्होंने कहा कि अगर उन लोगों को इस संगोष्ठी पर कोई ऐतराज़ था तो उन्हें पहले ही बता चेना चाहिए था.

प्रो. कुमार ने कहा कि आयोजकों ने भी इस हंगामे का विरोध करते हुए चक्काजाम किया तो पुलिस ने कार्रवाई की. उनके अनुसार अब शायद इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम में विघ्न डालने वालों पर केस दर्ज कर लिया गया है.

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