फ़र्ज़ी था इशरत जहां एनकाउंटर: सतीश वर्मा

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गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा ने बुधवार को भारतीय समाचार चैनलों एनडीटीवी और इंडिया टुडे के सामने दोहराया कि इशरत जहां एनकाउंटर फ़र्ज़ी था.

सतीश वर्मा इशरत जहां एनकाउंटर की जांच करने वाली कोर्ट की गठित एसआईटीम के सदस्य थे और उन्होंने रिपोर्ट में यही कोर्ट को बताया था.

पढ़ें: इशरत जहां केस की टाइमलाइन

हाल में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी आरवीएस मनि ने टीवी चैनलों पर बात करते हुए आरोप लगाया था कि इशरत मुठभेड़ के मामले में हलफ़नामा बदलवाने के लिए सतीश वर्मा ने उन पर दबाव बनाया उन्हें यातनाएँ दी थीं.

सतीश वर्मा ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

उन्होंने कहा, "हमने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा था- ये पूरा आईबी नियंत्रित ऑपरेशन था. चार लोगों को पकड़ा गया. इनमें से दो के बारे में आईबी को जानकारी थी कि वे संभवत: लश्करे तैयबा के सदस्य थे. लेकिन इशरत तीसरे व्यक्ति जावेद के साथ थीं और वो भी मृत्यु से केवल 45 दिन पहले उन्हें मिली थीं."

सतीश वर्मा ने ये भी कहा, "इन सभी पर आईबी और गुजरात पुलिस की नज़र थी और फिर ये लोग कथित मुठभेड़ में मार दिए गए. कहा गया कि ये बड़ा कामयाब एनकाउंटर था. मैं भी कहता हूं कि ये पूरा ऑपरेशन बड़ा कामयाब था. लेकिन साथ ही फ़र्ज़ी भी था."

चंद दिनों पहले ही पूर्व केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लेई ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि इस मामले में दूसरा हलफ़नामा गृह मंत्री पी चिदंबरम के कहने पर बदला गया था.

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