क़र्ज़ न दे पाने पर 'किसान को पुलिस ने पीटा'

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राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग ने कर्ज़ वसूली के मामले में एक किसान की पुलिस के हाथों कथित पिटाई पर तमिलनाडू सरकार और पुलिस को नोटिस भेजा है.

नोटिस में आयोग ने कहा है कि पुलिस की मदद से 'क़र्ज़ की बलपूर्वक वसूली' मानवधिकारों का उल्लंघन है.

आयोग ने ये नोटिस सोशल मीडिया पर उस वीडियो के आने के बाद जारी किया है जिसमें क़र्ज़ वसूली के नाम पर पुलिस कथित रूप से एक किसान की पिटाई कर रही है. वीडियो सूबे के तंजवूर ज़िले का बताया जा रहा है.

ये नोटिस सूबे के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख को भेजे गए हैं और उन्हें जवाब के लिए दो हफ़्तों का वक़्त दिया गया है.

एनएचआरसी ने कहा कि ये मानवधिकारों का उल्लंघन है कि किसान का ट्रैक्टर छीन लिया गया क्योंकि उसने क़र्ज़ ली रक़म वापस नहीं की थी.

सोशल मीडिया पर इस मामले को उद्योगपति विजय माल्या से जोड़कर देखा जा रहा है जिन पर करीब 10,000 करोड़ रुपए का क़र्ज़ है.

आयोग के मुताबिक़ बालन पर अब महज़ एक लाख चौंतीस हज़ार रुपए का क़र्ज़ शेष है. ये उस लोन का हिस्सा है जो बालन ने ट्रैक्टर ख़रीदने के लिए बैंक से लिया था.

वो इसमें से बड़ी रक़म वापस कर चुके हैं.

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