'राष्ट्रद्रोह' में गिरफ़्तार गिलानी को ज़मानत

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'राष्ट्रद्रोह' के आरोप में गिरफ़्तार दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक एसएआर गिलानी को ज़मानत मिल गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उन्हें ज़मानत दे दी.

गिलानी पर आरोप है कि उन्होंने संसद पर हमले के दोषी अफज़ल गुरु की बरसी पर दिल्ली के प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम आयोजित किया था.

इस कार्यक्रम में कथित तौर पर अफ़ज़ल गुरु के समर्थन में और भारत विरोधी नारे लगाए गए थे.

दिल्ली पुलिस ने ये कहते हुए गिलानी का ज़मानत का विरोध किया कि प्रेस क्लब में कार्यक्रम 'भारत की आत्मा पर हमला' था और ये 'अदालत की अवमानना' है.

वहीं गिलानी के वकील सतीश टमटा ने दावा किया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि गिलानी ने भारत विरोधी नारे लगाए या अन्य लोगों से ऐसा करने को कहा.

उन्होंने कहा कि ये कश्मीर पर चर्चा के लिए बुलाई गई बुद्धिजीवियों की एक बैठक थी.

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गिलानी को 16 फरवरी को गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस ने गिलानी से पूछताछ के बाद उनके ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर दर्ज की थी.

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