'गोरक्षा समिति के लोगों ने मेरे भाई को मारा'

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Image caption वारदात के बाद इलाके में तनाव, बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बालूमाथ घटना की तुलना दादरी से की है.

लातेहार ज़िले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के झाबर गांव में दो पशु व्यापारियों की हत्या करके उनके शव पेड़ से लटका दिए गए थे. इससे पूरे इलाक़े में तनाव है.

बाबूलाल मरांडी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की है और कहा है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

जबकि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा, "पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है. यह आपराधिक घटना है. इसे दूसरी नजर से नहीं देखा जाना चाहिए."

झाबर गांव में निषेधाज्ञा जारी है.

झारखंड के लातेहार में मारे गए पशु व्यापारी मज़लूम के भाई अफ़ज़ल अंसारी ने गोरक्षा समिति के लोगों को अपने भाई की हत्या के लिए दोषी ठहराया है.

स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह आपसी रंज़िश का मामला है.

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Image caption गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन और पथराव किया

बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी से बात करते हुए अफ़ज़ल अंसारी ने कहा, "जिन लोगों ने मेरे भाई की हत्या की, वे गोरक्षा समिति के लोग थे. ये वो लोग थे, जो पशुओं की किसी तरह की ख़रीद-बिक्री के ख़िलाफ़ हैं और उसे रोकना चाहते हैं."

अफ़ज़ल ने यह भी कहा कि उनके भाई दरअसल अपने ही बैल को लेकर हज़ारीबाग के पास लगने वाले पशु मेले में जा रहे थे.

उन्होेंने कहा, "ये जानवर खेती में इस्तेमाल होने लायक़ थे. हमने पुलिस अधिकारियों और दूसरे लोगों को जानवर दिखाया भी है. हम चाहते हैं कि लोग ख़ुद देखें कि हमारा मक़सद क्या था."

अफ़ज़ल ने बीबीसी से बताया, "मेरा भाई सिर्फ़ 32 साल का था. उसके चार बच्चे हैं. हमारे सामने तो अँधेरा फैल चुका है. हमें कुछ सूझ नहीं रहा है, हम पूरी तरह नर्वस हैं, हमें पता नहीं चल रहा है कि हम क्या करें, क्या न करें."

मज़लूम के साथ इम्तियाज़ ख़ान की भी हत्या कर दी गई है. बक़ौल अफ़ज़ल "वह महज़ 12 साल का लड़का था. उसे भी मार डाला गया."

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