बिहार में अब न 'देसी' मिलेगी न 'अंग्रेज़ी'

इमेज कॉपीरइट Prasghant Ravi

बिहार की नितीश सरकार ने राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है.

अब राज्य में देसी के साथ-साथ विदेशी शराब भी उपलब्ध नहीं होगी. बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फ़ैसला लिया गया. ये नीतीश कुमार का चुनावी वादा था.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘आज पूरे राज्य में शराब के थोक एवं खुदरा व्यापार अथवा उपभोग को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया.’’

फ़ैसले के मुताबिक इस बारे में मंगलवार को ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी.

इमेज कॉपीरइट Manish Shandilya

मुख्यमंत्री नीतीश के मुताबिक बीते दिनों में शराबबंदी के लिए जो माहौल बना, उसे देखते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया गया.

महत्वपू्र्ण है कि बिहार में एक अप्रैल से शराबबंदी का पहला चरण शुरु हुआ था. इसके तहत गांवों में पूर्ण शराबबंदी, यानी देसी और विदेशी शराब दोनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी.

जबकि शहरी क्षेत्रों के चुनिंदा इलाकों की सरकारी दुकानों में सिर्फ़ विदेशी शराब बेची जा रही थी.

इमेज कॉपीरइट Press Association

लेकिन बिहार मंत्रिमंडल के फ़ैसले के मुताबिक सरकार शराब बेचने के लिए अब कोई दुकान नहीं खोलेगी. जो दुकानें खोली गई हैं, वो भी आज ही बंद कर दिए जाएंगीं.

बिहार सरकार ने यह भी कहा है कि सूबे में सेना के कंटोनमेंट को छोड़कर अब होटल, बार, रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर भी शराब नहीं मिलेगी. इस संबंध में अब कोई लाइसेंस भी जारी नहीं किए जाएंगे.

सरकार के इस फ़ैसले के साथ ही बिहार उन राज्यों की सूची (गुजरात, केरल) में शामिल हो गया है जहाँ शराब बंदी लागू है.