रोहित के परिवार ने हिंदू धर्म छोड़ा, बने बौद्ध

रोहित वेमुला की मां और भाई

रोहित वेमुला की मां और भाई ने बाबासाहब भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती पर मुंबई में बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया.

रोहित की मां राधिका और भाई नागा चैतन्य वेमुला या राजा वेमुला को दादर के एक कार्यक्रम में बौद्ध धर्म की दीक्षा दी गई. इस कार्यक्रम में डॉक्टर आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर भी शामिल थे.

रोहित वेमुला हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र थे. उन्होंने इस साल जनवरी में ख़ुदकुशी कर ली थी. उनकी आत्महत्या को विश्वविद्यालयों में दलित छात्रों के साथ भेदभाव के प्रतीक के तौर पर देखा गया.

दीक्षा कार्यक्रम में मां-बेटे ने डॉक्टर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी और उनकी तस्वीर के सामने सिर नवाया.

राजा वेमुला ने कहा, "मेरा भाई रोहित दिल के एक बौद्ध था हालांकि उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया था. उसने अपनी जान इसलिए दी क्योंकि दलित होने की वजह से उसे भेदभाव का शिकार होना पड़ा था. हमने बौद्ध धर्म के प्रति उसके प्रेम को सम्मान देन के लिए उसका अंतिम संस्कार बौद्ध पद्धति से ही किया."

उन्होंने कहा, "रोहित बौद्ध धर्म के बारे में बहुत बातें किया करता था. मेरी मां को लगता है कि रोहत के सम्मान में हमें बौद्ध धर्म ग्रहण कर लेना चाहिए."

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि बौद्ध धर्म में परिवर्तन के कार्यक्रम का आयोजन तब किया गया जब राधिका वेमुला ने उनकी हैदराबाद की एक यात्रा के दौरान उनसे यह इच्छा जताई थी.

रोहित की शादीशुदा बहन ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है.

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