माल्या का पासपोर्ट सस्पेंड, आगे क्या होगा?

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने उद्योगपति विजय माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया है. यह फ़ैसला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अनुशंसा के बाद लिया गया है.

ईडी ने 13 अप्रैल, 2016 को विजय माल्या के पासपोर्ट को निलंबित करने की मांग की थी. ईडी के मुताबिक तीन बार नोटिस देने के बावजूद विजय माल्या एजेंसी के सामने हाज़िर नहीं हुए.

आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ कर्ज नहीं लौटाने के मामले में जांच में सहयोग देने के लिए ईडी, माल्या को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कह रही थी.

विजय माल्या दो मार्च को ब्रिटेन चले गए थे. वे राज्य सभा के सदस्य के तौर पर डिप्लोमेटिक वीज़ा के साथ ब्रिटेन रवाना हुए थे.

पासपोर्ट एक्ट के मुताबिक जब किसी आदमी को जब डिप्लोमेटिक पासपोर्ट दिया जाता है तो उनका रेगुलर ट्रैवल डॉक्यूमेंट डिपॉजिट कर लिया जाता है.

अगर किसी का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट निलंबित होता है तो फिर रेगुलर पासपोर्ट भी रद्द हो सकता है.

विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक विजय माल्या का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट चार सप्ताह के लिए सस्पेंड किया गया है और माल्या को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है कि क्यों ना उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए.

मंत्रालय के मुताबिक अगर विजय माल्या एक सप्ताह के अंदर जवाब नहीं देते हैं तो फिर उनके पासपोर्ट को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी.

वहीं पासपोर्ट के निलंबित होने के बाद ईडी के पास विकल्प है कि वह अदालत में जाकर माल्या के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट जारी कराने की मांग कर सकती है और इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग कर सकती है.

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माल्या पर सरकारी बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये नहीं लौटाने का आरोप हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल तक उन्हें और उनके परिवार वालों की सभी संपत्ति की घोषणा करने को कहा है.

विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट के सामने बैंकों के 4000 करोड़ रुपये लौटाने की पेशकश भी की है.

विजय माल्या राज्य सभा के सदस्य हैं और ब्रिटेन में उन्होंने कहा है कि वे देश से भागे नहीं हैं, लेकिन पासपोर्ट निलंबित होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय की एक और अपील उन्हें भगोड़ा बना सकती है.

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