कश्मीरी लड़की के बयान वाले वीडियो पर सवाल

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भारत प्रशासित कश्मीर में सेना पर जिस लड़की से छेड़छाड़ के आरोप के बाद तनाव बना हुआ है, उनके बयान के वीडियो पर उनकी मां ने सवाल खड़े किए हैं.

पीड़ित लड़की की मां ने मीडिया के सामने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के जिस बयान का वीडियो दिखाया जा रहा है वह ग़लत है.

उन्होंने कहा, "मेरी बेटी कॉलेज से निकली और बाज़ार के एक वॉशरूम में गई. वहां के बाथरूम से एक आर्मी वाला निकला और वह चीखी. उसकी चीख सुनकर वहां कुछ लड़के इकट्ठे हो गए. कौन भाई अपनी बहन की चीख सुनकर नहीं आएगा."

"जब लोग वहां जमा हो गए तो आर्मी ने गोली चला दी. इसमें हमारे दो लड़के शहीद हो गए. मेरी बेटी की उम्र 16 साल है और उस पर बयान देने का दबाव बनाया गया."

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लड़की की मां ने बताया कि पुलिस ने उनकी बेटी को 11 तारीख को हिरासत में लिया था. इसके अगले दिन परिजनों को फ़ोन करके कहा कि आप आकर बेटी को ले जाओ.

लड़की की मां की तबियत ख़राब थी इसलिए उन्होंने अपने पति के साथ अपनी बहन को भेज दिया लेकिन पुलिस ने उन्हें भी वहीं रोक लिया गया.

उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिन से उनकी बेटी और चार दिन से पति और बहन पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें उन लोगों से मिलने भी नहीं दिया जा रहा.

शनिवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने हंदवाड़ा और कुपवाड़ा का दौरा किया. वह लोगों से मिलीं और पीड़ित परिवारों को इंसाफ़ का भरोसा दिलाया.

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उधर इससे जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने हंदवाड़ा के एसपी और स्थानीय थाने के एसएचओ से पूछा है कि उन्होंने किस क़ानून के तहत पीड़ित लड़की और उसके पिता को हिरासत में रखा है.

जस्टिस मुज़फ़्फ़र अतार की बेंच ने पुलिस को अपना जवाब 20 तारीख की सुनवाई में देने को कहा है.

स्थानीय विधायक और पीडीपी-बीजेपी सरकार में मंत्री सज्जाद गनी लोन ने कश्मीर के हालात को तनावपूर्ण करार देते हुए घटना की जांच की मांग की है.

शुक्रवार रात कथित रूप से सुरक्षा बलों की फायरिंग में एक लड़के की मौत होने के बाद अलगाववादियों ने कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान किया था.

शनिवार को हंदवाड़ा और कुपवाड़ा कर्फ़्यू लगाया गया था और श्रीनगर के कई इलाक़ों में आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई थी.

शुक्रवार रात 12 बजे से पूरी कश्मीर घाटी में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

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शनिवार को घाटी के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए और युवकों की सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पें भी हुईं.

पुलिस के मुताबिक पिछले पांच दिन में इन हिंसक झड़पों के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ़ के 202 जवान घायल हुए हैं. पिछले पांच दिन से घाटी में कामकाज पूरी तरह ठप है.

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