हाईकोर्ट ने उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाया

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नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटा दिया है.

हाईकोर्ट ने कहा, "केंद्र की ओर से राज्य में धारा 356 का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित नियम के ख़िलाफ़ है."

हाईकोर्ट ने कांग्रेस ने नौ बागी विधायकों को भी झटका दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने हाईकोर्ट के हवाले से बताया, "कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को पार्टी से टूट के 'संवैधानिक पाप' की कीमत अयोग्य होकर चुकानी होगी."

हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उत्तराखंड विधानसभा में 29 अप्रैल को बहुमत परीक्षण होगा.

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जहां हाई कोर्ट के फैसले को 'लोगों की जीत' बताया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उसे अदालत के फैसले पर आश्चर्य नहीं है.

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "पहले ही दिन से जिस प्रकार माननीय जज साहब के कमेंट्स जो... पास हो रहे थे, लग रहा था कि ऐसा फैसला आएगा. इसलिए हमें कोई आश्चर्य नहीं है."

उन्होंने कहा कि 'हरीश रावत सरकार कल भी अल्पमत थी और आज भी है जिसका फैसला 29 अप्रैल को विधानसभा में हो जाएगा.'

उत्तराखंड में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.

राष्ट्रपति शासन लगाए जाने तक मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

इसके पहले, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को फिर फटकारा लगाई थी.

कोर्ट के मुताबिक राज्यपाल की रिपोर्ट में भी राज्य में संवैधानिक संकट का जिक्र नहीं था.

जस्टिस केएस जोसेफ और जस्टिस बिष्ट की खंडपीठ ने केंद्र से कहा कि, वो "कोर्ट के साथ खेल रहे हैं."

कोर्ट ने कहा, "हमें गुस्से से ज़्यादा इस बात का दर्द है . क्या सरकार कोई प्राइवेट पार्टी है."

"कल अगर आप राष्ट्रपति शासन हटा देते हैं और किसी को सरकार बनाने के लिए बुला लेते हैं तो ये न्याय के साथ मजाक होगा."

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