संदीप पांडे की बीएचयू से बर्खास्तगी रद्द

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडे की बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) द्वारा की गई बर्खास्तगी रद्द कर दी है.

संदीप पांडे बीएचयू आईआईटी के केमिकल इंजीनिरिंग विभाग में एक साल के अनुबंध पर विजिटिंग प्रोफेसर थे.

हाई कोर्ट ने पांडे की बर्खास्तगी को नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध ठहराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने पांडे का पक्ष सुने बगैर फैसला ले लिया.

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पांडे ने बीबीसी को बताया कि वो अगले हफ्ते बुधवार को वाराणसी जाकर पढ़ाने का काम फिर से शुरू करेंगे.

पांडे ने कहा, "डायरेक्टर से मेरी बात हो गई है. उन्होंने मुझसे कहा यू आर बैक विथ अस."

पांडे का अनुबंध जुलाई तक है लेकिन वो इसके नवीनीकरण के लिए भी बात करेंगे.

आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर राजीव संगल ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे. लेकिन पांडे के अनुबंध के नवीनीकरण पर संगल बोले, "वो फैसला बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स लेगा. उस पर हम कुछ नहीं कहेंगे."

बीएचयू के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स ने 21 दिसंबर 2015 को हुई मीटिंग में पांडे को निकालने का फ़ैसला लिया था. 6 जनवरी 2016 को उनको निकाले जाने का आदेश पारित हुआ.

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मीटिंग के मिनिट्स के मुताबिक़ बोर्ड के सदस्यों ने पांडे का पढ़ाना राष्ट्रविरोधी, नक्सलियों का पक्षधर और साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला बताया था. साथ ही ये भी कहा था कि उनका पढ़ाना छात्रों को क़ानून तोड़ने के लिए प्रेरित करता है.

पांडे ने बोर्ड के आदेश को न्यायालय में चुनौती दी थी.

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