झारखंड बंद: सैकड़ों गिरफ़्तार, दो गाड़ियां जलाईं

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झारखंड के जमशेदपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान 220 बंद समर्थकों को एहतियात के तौर पर पुलिस ने गिऱफ्तार किया है.

ये गिरफ़्तारियां कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला ज़िले में हुईं जहाँ पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थानीय विधायक दशरथ गागराई भी हिरासत में हैं.

पुलिस अधीक्षक महथा ने कहा कि सभी नेशनल हाइवे पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है. वह खुद ज़िले के उपायुक्त के साथ चौका में कैंप कर रहे हैं.

इसके अलावा जमशेदपुर के पास चाईबासा ज़िले में अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया है.

रांची के सिटी एसपी कौशल किशोर ने बताया है कि राजधानी रांची में 25 बंद समर्थकों को ऐहतियातन गिरफ्तार किया गया है.

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सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती की गई है.

सिटी एसपी के मुताबिक हवाई अड्डे के पास पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है, उन रास्तों पर चेकिंग अभियान जारी है. प्रधानमंत्री रांची से ही जमशेदपुर के लिए रवाना होंगे.

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इस बीच, बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी है. पुलिस उपाधीक्षक जससिंता केरकेट्टा के अनुसार स्थानीयता नीति के ख़िलाफ़ बंद में मुसाबनी और पोटकी इलाके में आगजनी की भी कुछ घटनाएं हुई है.

जमशेदपुर के नगर अधीक्षक के मुताबिक पूरे शहर में पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है.

विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य सरकार की स्थानीयता की नीति के ख़िलाफ़ जमशेदपुर सहित कोल्हान प्रमंडल में बंद का आयोजन किया है.

झारखंड में सरकार ने हाल ही में स्थानीयता नीति को मंजूरी दी है. इस नीति के अनुसार झारखंड में 30 साल से रहने वालों को स्थानीय माना जाएगा.

विभिन्न आदिवासी-मूलवासी संगठनों ने भी अलग से झारखंड बंद बुलाया है. बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं .

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जमशेदपुर के पुलिस प्रवक्ता एसएन प्रधान ने बताया है कि सभी जगहों पर पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.

इस बीच चाईबासा के पुलिस अधीक्षक एस माइकल राज ने जानकारी दी है कि जेएमएम के तीन विधायकों- दीपक बिरूआ, निरल पूरति और शशिभूषण सामाद को भी हिरासत में लिया गया है.

राजधानी रांची में धारा 144 लागू कर दी गई है और जगह- जगह पर पुलिस को मजिस्ट्रेट के साथ तैनात किया गया है.

झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन के जरिए प्रधानमंत्री ग्रामोदय से भारत उदय अभियान को सशक्त बनाना चाहते हैं.

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जेएमएम के विधायक दशरथ गागराई का कहना है कि यह फार्मूला झारखंड के आदिवासी के हित में नहीं है. कई और आदिवासी संगठन भी इसी मुद्दे पर लगातार आंदोलन की राह पर है.

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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रेम मित्तल ने आरोप लगाया है कि जेएमएम विकास विरोधी राजनीति करने में जुटी है.

आदिवासी-मूलवासी जनाधिकार मंच के संयोजक राजू महतो की मांग है कि जिनके पास अपने या पूर्वजों के नाम जमीन का रिकॉर्ड है, उन्हें ही स्थानीय नागरिक माना जाए और उन्हें सरकारी नौकरी भी दी जाए.

झारखंड में जमीन का आख़िरी सर्वे 1932 में हुआ था. इन संगठनों की मांग है कि उस सर्वे के आधार पर जिनके पास ज़मीन है, उन्हें ही स्थानीय माना जाए.

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