यौन अपराधियों का ऑनलाइन डेटाबेस बनेगा

अमरीका और ब्रिटेन की तरह अब भारत सरकार दोषी यौन अपराधियों की जानकारी ऑनलाइन करने की योजना बना रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस सूची में बलात्कार, वॉयरिज़्म, पीछा करने वाले और संगीन यौन प्रताड़ना के दोषी शामिल होंगे.

यह जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी.

केंद्रीय राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने बुधवार को राज्यसभा में इस बाबत जानकारी दी.

उनका कहना था, ''यौन अपराधियों के भारत में पंजीकरण के मसौदे की प्रमुख बातें अभी तैयार की जा रही हैं. इस पर राज्य सरकारों से विस्तृत चर्चा और इसे जनता की राय के लिए पेश करने से पहले संबंधित मंत्रालयों और संगठनों से बात की जा रही है. हालांकि अभी यह प्राथमिक चरण में है.''

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यौन अपराधियों के इस ऑनलाइन रजिस्टर की ख़ास बातें ये होंगी -

  • दोषी अपराधियों का नाम, पता, तस्वीर, पैन कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर, फ़िंगर प्रिंट और डीएनए के नमूनों की जानकारी होगी
  • 18 साल से कम उम्र के दोषी भी शामिल होंगे
  • सिर्फ़ उन्हीं दोषियों की जानकारी होगी, जो सज़ा काट चुके होंगे
  • जिनके मामले अदालत में विचाराधीन हैं या जिन अपराधियों ने सज़ा के ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अर्ज़ी दी है वो इसमें शामिल नहीं
  • यह डेटाबेस नागरिकों के लिए बन रहे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीससीटीएनएस) पोर्टल के ज़रिए देखा जा सकेगा

ये विचार तीन साल पहले राजधानी दिल्ली में हुई एक घटना के बाद आया, जिसमें एक छात्रा की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी.

इसके बाद पूरे देश में यौन हिंसा का कड़ा विरोध हुआ था.

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