लालू के पांव छूते कन्हैया को लेकर हल्ला

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जेएनयू छात्र संघ प्रमुख कन्हैया कुमार के समर्थकों ने उनके लालू प्रसाद यादव का पांव छूने का बचाव किया है.

इस बारे में कन्हैया कुमार से तो बात नहीं हो पाई क्योंकि वो पटना से दिल्ली की ओर रवाना थे, लेकिन उनके मीडिया प्रतिनिधि जयंत ने कहा, “जो लोग न्यूनतम राजनीतिक शालीनता, लोकव्यवहार से वाक़िफ़ हैं, वो इस तस्वीर का जबरन मतलब नहीं निकालेंगे.”

जयंत ने कहा कि कन्हैया उन लोगों का शुक्रिया अदा कर रहे हैं जो जेएनयू छात्रों के साथ खड़े हुए और वो उनसे एक-एक कर उनसे मुलाक़ात कर रहे हैं.

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर जयंत ने कहा, "उनके कार्यकाल में जो विसंगतियां हुईं, उसके प्रति हमारी अपनी आलोचना है, लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ़ जिस मुस्तैदी से बिहार में खड़े रहे, उसका अपना एक महत्व है.”

सोशल मीडिया में कन्हैया कुमार और लालू यादव की इस तस्वीर की कड़ी आलोचना की जा रही थी.

खुद को डंब हीरो कहने वाले एक व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा, “आप ख़ुद को आंबेडरकवादी कैसे कह सकते हैं.”

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अंशुल सक्सेना लिखते हैं, “क्या ये वही व्यक्ति है जो आज़ादी, भ्रष्टाचार, भारतीय सेना आदि के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करता था? क्या उनके पास चारा घोटाला पर बात करने की हिम्मत है?”

पत्रकार धन्या राजेंद्रन लिखती हैं कि अगर ये तस्वीर सही है तो कन्हैया कुमार कैसे एक नई उम्मीद हैं.

सीपीआई के एक वरिष्ठ नेता ने इस बारे में बात करने से मना कर दिया लेकिन उनकी आवाज़ से लगा कि वो ख़ुश नहीं थे. उन्होंने कहा, “इन बच्चों के पीछे कौन लगेगा?”

याद रहे कि जेएनयू के एक पूर्व छात्र नेता चंद्रशेखर की हत्या मामले में आरजेडी के एक पूर्व सांसद पर आरोप लगे थे.

जयंत ने कहा कि कन्हैया ये यात्राएं भूखे ही कर रहे हैं और वो नौ फ़रवरी के विवादास्पद मामले में जेएनयू प्रशासन की कार्रवाई के ख़िलाफ़ जारी अनशन का हिस्सा हैं.

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