'अमरीकी आयोग भारतीय संविधान, समाज को क्या जाने'

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भारत सरकार ने एक अमरीकी आयोग की उस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है जिसके मुताबिक़ भारत में असहिष्णुता बढ़ी है.

पढें क्या-क्या है धार्मिक आज़ादी पर अमरीकी रिपोर्ट में

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सरकार ने कहा है कि अमरीकी धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट ने एक बार फिर दिखाया गया है कि वो भारत, उसके संविधान और समाज को अच्छी तरह नहीं समझते हैं.

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पीटीआई के मुताबिक भारत सरकार ने कहा है कि संविधान के अनुसार भारतीय नागरिकों के जो अधिकार मिले हुए हैं उन पर यूएससीआईआरएफ़ जैसी विदेशी संस्था का टिप्पणी करना कैसे उचित है.

अमरीकी आयोग 'यूएस कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ़्रीडम' (यूएससीआईआरएफ़) दुनिया भर में धार्मिक आज़ादी से जुड़े मामलों पर नज़र रखता है.

आयोग की ताज़ा रिपोर्ट में भारत को लेकर कई तल्ख टिप्पणियां की गई हैं.

इसके मुताबिक़ 2015 में भारत में असहिष्णुता बढ़ी है और धार्मिक आज़ादी के अधिकारों के उल्लंघन के मामले भी बढ़े हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यक हिंदूवादी गुटों की ओर से धमकी, उत्पीड़न और हिंसा की बढ़ती घटनाओं का सामना करना पड़ा है.

अमरीकी आयोग की रिपोर्ट में इन गुटों को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का 'खामोश समर्थन' होने का आरोप भी लगाया गया है.

यही नहीं, ऐसे में मामलों में पुलिस की निपष्क्षता पर भी ये रिपोर्ट सवाल उठाती है.

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