अगस्ता: 'जिनके नाम फ़ैसले में आए उनकी जांच होगी'

इमेज कॉपीरइट PTI

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वायु सेना ने टेस्ट फ़्लाइट में ही पाया था कि अगस्ता वेस्टलैंड का हेलिकॉप्टर मापदंडों पर खरा नहीं था.

बुधवार को राज्यसभा में अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पर बहस के दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि वायु सेना ने पाया था कि हेलिकॉप्टर उड़ान में पूरा भार वहन करने में सक्षम नहीं है.

पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल के समय वीवीआईपी के लिए 3600 करोड़ में 12 हेलिकॉप्टरों का सौदा हुआ था. हाल में इटली की एक अदालत ने फ़ैसला सुनाया कि इस सौदे में रिश्वत दी गई थी. तभी से ये मामला सुर्खियों में है.

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि जिन लोगों के नाम इटली के अदालती फ़ैसले में आए हैं, जांच उनके नाम और भूमिका पर केंद्रित होगी.

पढ़ें- 'अगस्ता सौदे में ख़रीद के मापदंड अटल के समय में बदले'

मनोहर पर्रिकर ने कहा, "लगता है कि हेलिकॉप्टर सौदे के लिए कोई ख़ास व्यक्ति उकसा रहा था, किसी का समर्थन हासिल था और किसी को इससे लाभ हो रहा था. जिस समय हेलिकॉप्टर की टेस्टिंग की बात कही गई है तब वो तैयार ही नहीं हुआ था, उसकी जगह दूसरे हेलिकॉप्टर को टेस्ट फ्लाइट के लिए इस्तेमाल किया गया.'

इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption इस मामले को सुब्रमनयम स्वामी ने उठाया था.

उन्होंने दोहराया कि पूरे तकनीकी मापदंडों को इस तरह से बदला गया कि इसका फ़ायदा एक कंपनी को हुआ.

इससे पहले बीजेपी के सांसद सुब्रमनयम स्वामी ने दावा किया था कि सौदे में राजनीतिक नेताओं को 125 करोड़ रूपये दिए गए हैं.

बीजेपी सांसद ने दावा किया है कि इटली में मामले पर चले मुक़दमे में क़ाग़ज़ात पेश किए गए हैं जिनमें ये दर्ज है कि सौदे में किसको कितनी रिश्वत दी गई.

कांग्रेस ने उपाध्यक्ष से ये मांग उठाई कि स्वामी ने जिन भी दस्तावेज़ों का हवाला अपने भाषण में दिया है वो सदन के सामने पेश करें और उसकी सत्यता की गारंटी दें.

उन्होंने कहा कि सौदे में जो बहुत सारी गड़बड़ियां हुई हैं वो कैग की रिपोर्ट में दर्ज हैं.

उन्होंने दावा किया कि हेलिकॉप्टर की खरीद में मापदंड में बदलाव भाजपा के कार्यकाल में नहीं किए गए. उन्होंने इस बारे में कांग्रेस के बयान को 'झूठ' बताया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार