कांग्रेस का मार्च, सोनिया-राहुल ने दी गिरफ़्तारी

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कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर उनकी राज्य सरकारों को अलोकतांत्रिक तरीके से हटाने का आरोप लगाते हुए 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाला.

मार्च का आयोजन जंतर-मंतर से संसद तक था, बाद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत 5 नेताओं ने सांकेतिक गिरफ़्तारियां दी.

इस मौके पर सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकतंत्र विरोधी तरीक़े से उत्तराखंड, अरुणाचल में कांग्रेस पार्टी की सरकारें गिराईं, चुने हुए नेताओं को हटवाया और यह क़ानून तोड़ती ही जा रही है.

उन्होंने कहा कि उत्तरांखड आग में जल रहा है, लेकिन वहां कोई सरकार नहीं है जो इस समस्या का हल करे.

सोनिया ने कहा, ''सत्ता की इनकी भूख बढ़ती जा रही है, इस सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से हमारी चुनी सरकार को गिराकर लोकतंत्र की हत्या की है."

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनिया ने कहा कि वह आरएसएस को संदेश देने के लिए यहां आईं हैं जिसके इशारे पर मोदी सरकार चल रही है.

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सोनिया ने अपने पूरे भाषण में अगस्ता वेस्टलैंड मामले का ज़िक्र नहीं किया. हालाँकि उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाक़ामयाबियों को छुपाने के लिए विपक्ष पर छूटे आरोप लगा रही है.

सोनिया ने कहा कि सरकार किसी को भी तुरंत देशद्रोही घोषित कर देती है.

सोनिया ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जिस दिन पानी सिर के ऊपर चला जाता है, भारत के लोग बड़े-बड़ों को पानी पिला सकते हैं."

इस मार्च में हिस्सा ले रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "कांग्रेस मुक्त भारत की बातें रोज की जाती है. मैं मोदी और उनकी सरकार के लोगों से कहना चाहता हूं कि भारत कांग्रेस की आत्मा है."

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उन्होंने कहा कि मोदी ने उत्तराखंड और अरुणाचल में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर कर लोकतंत्र पर हमला किया है और अब उनकी निगाहें दूसरी कांग्रेस सरकारों पर है.

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर अपने संबोधन में सूखा संकट पर कहा कि देश में 40 फ़ीसदी हिस्सा सूखे से प्रभावित है, लेकिन प्रधानमंत्री इसकी बात नहीं कर रहे.

राहुल ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि वो हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे, मेक इन इंडिया का ख़ूब प्रचार-प्रसार हुआ लेकिन पिछले साल सिर्फ़ 1.3 लाख लोगों को रोजगार मिला."

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