अपराध कम करने को मुंबई पुलिस के तरीक़े

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“हर फ़िक्र को धुएं में उड़ाता...चला गया,” देव आनंद के इस गाने को ट्विटर टाइम्लाइन पर गुनगुनाने की उम्मीद कभी भी पुलिस ऑफिसर्स से नहीं की गयी थी.

लेकिन अपनी सख़्त छवि के उलट मुंबई पुलिस ने अपने अनोखे अंदाज़ से सिर्फ़ चार महीनों में ट्विटर पर 1 लाख 67 हज़ार से ज़्यादा लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है, जो संख्या दिल्ली पुलिस के करीब 31 हज़ार दो सौ फॉलोवर्स से लगभग चार गुनी ज्यादा है.

क्राइम रिपोर्टर रह चुकी और मुंबई पुलिस के ट्विटर हैंडल में अहम योगदान देने वाली संचिका पांडे का कहना है, "11 बजकर 57 मिनट पर मुंबई पुलिस के पूर्व कमिशनर अहमद जावेद ने मुंबई पुलिस के व्हाट्सएप पर मुझसे एक ट्वीट को लेकर सुझाव मांगा - जो ड्रग्स लेने वाले लोगों को चेतावनी के तौर पर ट्वीट किया जाना था. यह एक रोचक सुझाव था, जिसपर मैंने तुरंत हामी भर दी."

उनके अलावा इस ट्विटर टीम में पुलिस कमिशनर दत्तात्रे पलसल्गीकार, जॉइंट कमिशनर (लॉ एंड ऑर्डर) देवेन भारती, डिप्टी कमिशनर धनंजय कुलकर्णी और असिस्टेंट इंस्पेक्टर और वेब सेल के इंचार्ज अश्विनी कोली मौजूद हैं.

डीसीपी कुलकर्णी कहते हैं कि उनकी टीम ने ट्विटर पर आने से पहले ख़ास ट्रेनिंग की थी. 28 दिसंबर को हमने ट्विटर पर अपना सफ़र शुरू किया.

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मुंबई पुलिस टीम सोशल मीडिया के एक बेहद संवेदनशील मध्यम के कारण ट्विटर पर अपना हर कदम फूंक-फूंक कर लेती है.

डीसीपी कुलकर्णी कहते हैं, "हम फॉलोवर्स को जवाब भी सोच-समझकर और हर पहलू की जांच करने के बाद भेजते हैं."

संचिका कहती हैं, "महिला दिवस के अवसर पर हमने पहले हैशटैग के रूप 'मर्द-बन' चुना. मगर फिर हमें लगा कि इस हैशटैग से हमारा संदेश साफ़-साफ़ नहीं जा रहा है. तब हमने इस हैशटैग के आगे एक और हैशटैग #RespectaWoman जोड़ दिया."

संचिका कहती हैं, "मुंबई पुलिस टीम के सभी ऑफ़िसर्स के साथ लंबी बातचीत और बहस के बाद ट्वीट का कंटेंट तय होता है."

वह आगे कहती हैं, "हर हफ्ते हम एक अलग विषय का चुनाव करते हैं जिसमें हमारी कोशिश किसी ना किसी मुद्दे को उठाने की होती है जैसे कि बाल मज़दूरी, सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम, ड्रग्स, महिला सुरक्षा."

इंस्पेक्टर कोली कहती हैं कि ऐसे ट्वीट बहुत जल्द लोकप्रिय भी हो जाते हैं जब भी किसी ट्वीट में सामाजिक जागरूकता का संदेश होता है तो लोग उसे पसंद करते हैं.

सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए मुंबई पुलिस ने कई अभियान चलाए है जो कि लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हुए.

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डीसीपी धनंजय कुलकर्णी द्वारा सुझाए गये हैशटैग #LawgicallySpeaking में क़ानूनी जानकारी दी गई है वर्ना @MumbaiPolice तुम्हारा चैन चुरा लेगी #LawgicallySpeaking

जेसीपी देवेन भारती के सुझाए हैशटैग #HoshMeinAao में मुंबई पुलिस टीम के ड्रग्स के ख़िलाफ़ लिखे ट्वीट खूब चर्चा में आए.

ऐसा ही एक ट्वीट है, 'बुरा ना मानो होली है' की जगह #बुरानाबनोहोलीहै

इन सभी कंपेन ने इंटरनेट पर देश-विदेश में काफ़ी वाह-वाही बटोरी है. बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने भी ट्वीट करके मुंबई पुलिस के इस क़दम की सराहना की है.

मुंबई पुलिस ने इस सोशल मीडिया पर उपलब्ध सभी फ़ॉर्मेट का इस्तेमाल किया है.

इस बारे में इंस्पेक्टर कोली कहती हैं, “हमने इस बात का ध्यान रखा है कि ट्वीट का फॉर्मेट सभी के लिए उपयुक्त हो.”

डीसीपी कुलकर्णी मानते हैं कि पुलिस की बढ़ती पहुँच से कुछ ठोस बदलाव आ रहे हैं.

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वो कहते हैं, “लगातार अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें बांटने वाले हमारे फॉलोवर्स किसी रिपोर्टर से कम नहीं हैं.”

इस सिलसिले में वो हेलमेट से जुड़े ट्वीट का क़िस्सा बताते हैं, “हमने हेलमेट को हेल्लमेट (हेल:नर्क) कहते हुए ट्वीट किया तो किसी ने एक पुलिस वाले की बिना हेलमेट गाड़ी चलाते हुए तस्वीर डाल दी. हमने उसके बाद पूरी सख्ती से हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाने का नियम लागू कर दिया.” #TrafficAwarenessWeek

24 घंटे ट्विटर पर नज़र रखने वाली वेब सेल की इंचार्ज इंस्पेक्टर अश्विनी कोली कहती हैं कि उन्हें एक दिन में 20 जवाब मिल जाते हैं.

वह आगे कहती हैं, “लोग ट्विटर पर काफ़ी सक्रिय है. इन जवाबों के चलते कुछ ज़रूरी मामले भी सामने आ रहे हैं. जैसे मलवानी में एक एसएससी की ट्यूशन क्लासेस के बाहर छोटे बच्चों को सज़ा के तौर पर बिना कपड़ों के खड़ा कर दिया जाता था. इसका वीडियो हमें एक दूसरे शख्स ने भेजा और हमने इस मामले में तुरंत सख़्त कार्यवाही की.”

डीसीपी कुलकर्णी कहते हैं, “हम इस ट्विटर हैंडल को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहेंगे. साथ ही हम ट्विटर पर ट्रैफिक पुलिस और जूनियर पुलिस ऑफिसर्स के ट्विटर हैंडल्स शामिल करने की सोच रहे हैं. इसके अलावा हम अन्य सोशल मीडिया जैसे कि फ़ेसबुक की ओर भी रुख़ कर सकते हैं."

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