मानसिक रूप से राजन पूरी तरह भारतीय नहीं: स्वामी

रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को एक बार फिर निशाना बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री से उन्हें तुरंत हटाने की मांग की है.

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी अपनी चिट्ठी में उन्होंने आरोप लगाया है कि रघुराम राजन मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और उन्होंने जानबूझ कर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुँचाया है.

ग़ौरतलब है कि रघुराम राजन ने दिल्ली के एक स्कूल से पढ़ाई की थी और फिर अमरीकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने के बाद वो यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर हैं और आजकाल अवकाश पर भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ स्वामी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है, "मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मैं यह देखकर सदमे में हूँ कि कैसे डॉक्टर राजन जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुँचा रहे हैं. बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दर बढ़ाने की उनकी कोशिश विनाशाकारी थीं."

सुब्रमण्यम स्वामी ने ये भी आरोप लगाया कि दो सालों में सरकारी बैंकों का 'बैड लोन' बढ़कर साढ़े तीन लाख करोड़ हो गया है. सितंबर 2013 में तत्कालीन यूपीए की सरकार ने रघुराम राजन को रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया था. तीन साल के लिए राजन को गवर्नर बनाया गया था, लेकिन उनका कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है.

लेकिन स्वामी ने राजन को तुरंत हटाए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनके पास ग्रीन कार्ड है, जिसे रिन्यू कराने के लिए वो अमरीका भी गए थे.

हालाँकि, ग्रीन कार्ड अमरीका में बेरोकटोक रहने और काम करने के लिए कुछ साल वहाँ रहने वालों को दिया जाता है. ग्रीन कार्ड किसी के अमरीका का नागरिक होने का प्रमाण नहीं है. फ़िलहाल रघुराम राजन ने स्वामी के आरोपों के बारे में सार्वजनिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

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स्वामी ने कहा, "वे इस देश में ग्रीन कार्ड लेकर आए हैं, जो अमरीकी सरकार ने उन्हें दिया है. इसलिए वे मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं. अन्यथा वो क्यों अमरीका जाकर अपना ग्रीन कार्ड रीन्यू कराते?"

पिछले सप्ताह भी सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि रघुराम राजन भारत के लिए फिट नहीं हैं. स्वामी का आरोप है कि उनके कई क़दमों से देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतरी है और बेरोज़गारी भी बढ़ी है.

उन्होंने ये भी कहा था कि जितनी जल्दी राजन को शिकागो भेजा जाएगा, उनता ही ये अच्छा होगा.

स्वामी ने अपनी चिट्ठी में नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा है, "आपके प्रभावशाली नेतृत्व में ही भाजपा सत्ता में आई. मैं कोई वजह नहीं देखता कि यूपीए सरकार की ओर से नियुक्त किए व्यक्ति को उसके पद पर रखा जाए, जो देश की अर्थव्यवस्था के ख़िलाफ़ काम कर रहा है. हमारे पास रिजर्व बैंक के गवर्नर पद के लिए कई राष्ट्रवादी विशेषज्ञ मौजूद हैं."

सुब्रमण्यम स्वामी को हाल ही में भाजपा ने राज्यसभा में भेजा है.

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